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शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए जमींदोज हुईं 12 दुकानें, दुकानदारों ने बिना सूचना कार्रवाई करने के लगाए आरोप

Published: Tue, 08 Sep 2026 06:00 PM (IST)

पीलीभीत के नकटादाना चौराहा पर प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए 12 दुकानों को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्त ...और पढ़ें

HighLights

  1. 10 जून को पालिका ने नोटिस जारी कर तीन दिन का दिया था समय, विरोध में न्यायालय जाने की तैयारी

  2. वार्ता के बाद दुकानदारों को दिया था विस्थापन का आश्वासन, शापिंग कांप्लेक्स का प्रस्तावित है निर्माण

जागरण संवाददाता, पीलीभीत। शहर के नकटादाना चौराहा स्थित ईओ आवास परिसर में प्रस्तावित शापिंग कांप्लेक्स निर्माण में बाधा बन रही 12 दुकानों पर मंगलवार सुबह प्रशासन का बुलडोजर गरजा। सभी दुकानों को जमींदोज कर दिया गया। ईओ आवास परिसर में चल रहा अस्थायी पुलिस बूथ भी ध्वस्त कर दिया गया।

इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रभावित दुकानदारों ने आरोप लगाया कि पालिका प्रशासन की ओर से ध्वस्तीकरण की कोई सूचना नहीं दी गई। ईओ आवास परिसर में पीपीपी माडल पर शापिंग कांप्लेक्स बनाया जाना है।

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निर्माण में बाधा बने संचालित 12 दुकानों के किरायेदारों को 10 जून को तीन दिन में दुकान खाली करने का नोटिस दिया गया था। दुकानदारों की ओर से पालिका को अधिवक्ता के माध्यम से कई बिंदुओं पर प्रत्यावेदन सौंपा गया था।

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इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब सात बजे ही नगर पालिका की टीम पुलिस बल के साथ बुलडोजर लेकर नकटादाना चौराहे पर पहुंची। इसके बाद एक-एक कर 12 दुकानों को जमींदोज कर दिया गया।

इस दौरान दुकानदार अपना सामान निकालने जुटे रहे। शांति व्यवस्था के लिए कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद कुमार समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा। नगरपालिका ईओ संजीव कुमार ने बताया कि परिसर में पीपीपी माडल पर शापिंग कांप्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित है।

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इन दुकानों के कारण निर्माण कार्य अटका हुआ था। उन्होंने बताया कि नोटिस के बाद कई बार रिमाइंडर भी भेजे गए। इसके बावजूद दुकानदारों ने जगह खाली नहीं की। ऐसे में प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा।

दुकानदारों ने बिना नोटिस के ध्वस्तीकरण का लगाया आरोप

दुकानदारों की ओर से विधिक सलाहकार अधिवक्ता अंशुल गौरव सिंह ने बताया कि दुकानदारों को 10 जून को तीन दिन का नोटिस जारी कर जगह खाली करने को कहा गया था। वहीं, दुकानदारों का कहना था कि वह कई दशकों से यहां व्यापार चलाते आ रहे हैं।

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उन्हें पालिका की ओर से भूमि आवंटित की गई थी। उन्होंने अपनी लागत से दुकान बनाई थी। दुकान खाली करने की स्थिति में दुकानदारों ने विस्थापन, दुकानों के निर्माण में लगी लागत का मुआवजा व प्रस्तावित कांप्लेक्स में दुकानों के आवंटन में वरीयता की मांग की थी।

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पालिका की ओर से सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिला था, लेकिन दुकानदारों के कई बार अनुरोध के बाद भी उन्हें लिखित में कोई आश्वासन नहीं दिया गया।

सोमवार शाम पालिकाकर्मियों ने मंगलवार को वार्ता की बात कही थी, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के ही मंगलवार को जबरन दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। व्यापारी अब मामले में न्यायालय की शरण लेंगे।

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