बहादुर बच्चों की सम्मान राशि से खरीदे जूतों का पलटन बाजार में दुकानदार ने नहीं दिया बिल, न जूते किए वापस न लौटाए पैसे
चमोली के बहादुर बच्चों को मुख्यमंत्री से मिले सम्मान राशि से देहरादून के पलटन बाजार में जूते खरीदने पर निराशा ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, देहरादून। भालू के हमले के बीच साथी की जान बचाकर बहादुरी की मिसाल पेश करने वाले चमोली के बाल वीरों को मुख्यमंत्री से सम्मान मिला तो उनके चेहरों पर खुशी थी।
सम्मान में मिली 500 रुपये की राशि से बच्चों ने अपनी पसंद के जूते खरीदे, लेकिन राजधानी देहरादून के पलटन बाजार में हुई खरीदारी का अनुभव उनके लिए निराशाजनक बन गया।
आरोप है कि दुकानदार ने न तो जूतों का बिल दिया और न ही उन्हें वापस लेकर रुपये लौटाने को तैयार हुआ। मामला प्रसारित होने के बाद दुकानदार ने दूसरे वीडियो में अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी।
चमोली जिले के पोखरी ब्लाक स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय हरिशंकर के बच्चों ने पिछले साल भालू के हमले के दौरान साहस दिखाते हुए अपने साथी की मदद की थी। दिसंबर 2025 में स्कूल जाते समय भालू ने छात्र देवेश पर हमला कर दिया था।
साथ चल रहे पंकेश ने भालू पर पत्थर फेंककर और शोर मचाकर उसे भगाया था। इस घटना के बाद बच्चों के साहस की चर्चा हुई और उन्हें सम्मानित भी किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बच्चों को सम्मानित करते हुए प्रत्येक को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी थी।
इसी राशि से बच्चों ने पलटन बाजार में जूते खरीदे। लेकिन खरीदारी के बाद बिल न मिलने और जूते वापस करने पर रुपये लौटाने से इनकार ने उनकी खुशी को फीका कर दिया। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद दुकानदार ने दूसरे वीडियो में माफी मांगते हुए सफाई दी।
