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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए भाजपा की क्षेत्रवार मोर्चेबंदी, बांसुरी गढ़वाल तो मेनन कुमाऊं में संभालेंगे कमान

Published: Sat, 10 Oct 2026 07:32 PM (IST)

उत्तराखंड भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए क्षेत्रीय मोर्चेबंदी की है, जिसमें राम माधव पूरे प्रदेश की कमान संभालेंगे। ...और पढ़ें

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अश्वनी त्रिपाठी, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की बिसात बिछाने में जुटी भाजपा ने चुनावी प्रबंधन को क्षेत्रवार धार देने की तैयारी की है। रणनीति के तहत सहप्रभारी-सांसद बांसुरी स्वराज को गढ़वाल व अरविंद मेनन को कुमाऊं की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि प्रदेश भाजपा प्रभारी राम माधव पूरे राज्य में चुनावी अभियान की कमान संभालेंगे।

क्षेत्रीय जिम्मेदारी सौंपने का उद्देश्य दोनों मंडलों में राजनीतिक समीकरणों को समझते हुए चुनावी तैयारियों को पार्टी की साझा रणनीति से जोड़ना है।

दो मंडल, दो मोर्चे और प्रदेश स्तर पर समन्वय

उत्तराखंड की राजनीति में गढ़वाल और कुमाऊं दोनों की अपनी क्षेत्रीय विशेषताएं हैं। सामाजिक संरचना, स्थानीय नेतृत्व, विकास की अपेक्षाएं और विधानसभा क्षेत्रों के मुद्दे एक-दूसरे से अलग हो सकते हैं। क्षेत्रवार जिम्मेदारी से नेताओं को स्थानीय परिस्थितियों पर अधिक केंद्रित होकर काम करने का अवसर मिल सकेगा।

गढ़वाल में बांसुरी स्वराज की भूमिका स्थानीय मुद्दों पर संवाद और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। वहीं कुमाऊं में अरविंद मेनन को क्षेत्रीय राजनीतिक परिस्थितियों, बूथ स्तर की तैयारियों और संगठनात्मक तालमेल पर ध्यान देने का जिम्मा सौंपा गया है।

माधव के सामने प्रदेश को एक सूत्र में बांधने की चुनौती

क्षेत्रीय स्तर पर जिम्मेदारियां बांटने के साथ सबसे अहम भूमिका राम माधव की होगी। वह दोनों मंडलों से मिलने वाले फीडबैक, संगठन की तैयारियों और चुनावी अभियान के संदेश के बीच तालमेल बिठाने का काम करेंगे।

विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए संगठनात्मक तैयारी और सरकार के कामकाज, दोनों के मूल्यांकन का अवसर है। पार्टी को अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के साथ स्थानीय असंतोष, टिकट के दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा और कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को भी साधना है।

इस लिहाज से क्षेत्रवार जिम्मेदारी को चुनावी प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। राम माधव दोनों क्षेत्रों की रणनीति को एक साझा दिशा देने का कार्य करेंगे।

प्रभारियों व सहप्रभारियों की जवाबदेही तय

भाजपा की क्षेत्रीय मोर्चेबंदी का मूल उद्देश्य जिम्मेदारी तय करना भी है। बांसुरी स्वराज और अरविंद मेनन दोनों बड़े चेहरे हैं। क्षेत्र निर्धारण कर दोनों की जिम्मेदारी भी संगठन ने तय कर दी है। दोनों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को जिताने की चुनौती होगी, जबकि राम माधव को भाजपा का विजय रथ पूरे प्रदेश में दौड़ाना होगा।

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