उत्तराखंड मतदाता सूची पर भाजपा का पलटवार: कांग्रेस फैला रही भ्रम, केवल 7,522 नाम हटे
भाजपा ने उत्तराखंड में मतदाता सूची से 9.31 लाख नाम कम होने पर कांग्रेस के आरोपों का खंडन किया है। ...और पढ़ें


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राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद मतदाता सूची में 9.31 लाख की कमी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची के आंकड़ों को गलत तरीके से पेश कर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
उनके अनुसार फार्म -7 के माध्यम से आपत्तियों की जांच के बाद वास्तव में 7,522 नाम ही हटाए गए हैं। भट्ट के अनुसार एसआइआर के दौरान कम हुए 9.31 लाख नामों में बड़ी संख्या मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट अथवा संबंधित पते पर नहीं मिले मतदाताओं की है।
उन्होंने बताया कि इनमें 1.24 लाख से अधिक मृत मतदाता और 6,33,573 से अधिक ऐसे लोग हैं, जो दूसरे राज्यों में स्थानांतरित हो चुके हैं अथवा दिए गए पते पर नहीं मिले। इसके अलावा 61 हजार से अधिक मल्टीपल या डुप्लीकेट प्रविष्टियां भी सामने आईं।
भाजपा का कहना है कि ऐसी प्रविष्टियों को हटाना मतदाता सूची को अद्यतन और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। फार्म-7 को लेकर भट्ट ने आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि कुल 96,704 आपत्तियां प्राप्त हुई थीं। जांच के बाद 89,182 आवेदन निरस्त कर दिए गए, जबकि केवल 7,522 नाम हटाए गए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 71,58,949 पंजीकृत मतदाताओं की तुलना में यह संख्या कांग्रेस के लाखों नाम काटे जाने के दावे को सही नहीं ठहराती। भट्ट ने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि दूसरे राज्यों में स्थानांतरित अथवा अनुपलब्ध बताए गए लोग वास्तव में उत्तराखंड में रह रहे हैं तो वह उन्हें सामने लाकर अपना दावा साबित करे।
उन्होंने डुप्लीकेट नामों को लेकर भी सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस एक व्यक्ति के कई स्थानों पर नाम दर्ज रहने और इससे संभावित फर्जी मतदान के पक्ष में है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस निर्वाचन प्रक्रिया को बदनाम करने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात करे।
