अंकिता हत्याकांड: कथित वीआईपी के नाम और राज्यपाल को हटाने की मांग तेज, कई संगठनों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम उजागर करने और सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम को पद से ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में दोषियों को सजा मिलने के बावजूद कथित वीआईपी की पहचान और हत्या के उद्देश्य से जुड़े सवालों को लेकर फिर से आवाज उठ रही है। मामले में सीबीआई से कथित वीआईपी के नाम का खुलासा करते हुए सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम को पद से हटाने की मांग की गई है।
शनिवार को अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर मामले की निष्पक्ष और व्यापक सीबीआई जांच की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया। मंच की कमला पंत ने कहा कि राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति निरस्त करते हुए कथित वीआईपी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
निर्मला बिष्ट ने मामले से जुड़े आरोपितों की भूमिका की जांच करते हुए सभी को सीबीआई जांच के दायरे में लाया जाए। वहीं, प्रकरण में मोबाइल की काल डिटेल रिकार्ड (सीडीआर), लोकेशन, व्हाट्सएप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाए।
उन्होंने वनंतरा रिजार्ट के कमरे को ध्वस्त करने, साक्ष्यों को नुकसान पहुंचाने और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की मांग की। इस दौरान मोहित डिमरी, इंद्रेश मैखुरी, सुजाता पाल, विमला कोली, प्रभात डंडरियाल, त्रिलोचन भट्ट, उर्मिला शर्मा, सुरेश कुमार, राजू सिंह आदि मौजूद रहे।
यूकेडी का सीबीआई कार्यालय पर प्रदर्शन
वहीं, यूकेडी ने इंदिरा नगर स्थित सीबीआई कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने भी अंकिता हत्याकांड की जांच अधूरी होने का आरोप लगाते हुए सीबीआई कार्यालय का घेराव किया।
केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस और एसआईटी ने तीन अभियुक्तों को सजा दिलाने में सराहनीय कार्य किया, लेकिन हत्या के उद्देश्य और कथित वीआईपी की पहचान का राजफाश अब तक नहीं हुआ है। यूकेडी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग की है। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
