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अंकिता भंडारी हत्याकांड: देहरादून में कांग्रेस का राजभवन घेराव, हरक सिंह रावत समेत कई हिरासत में

Published: Thu, 15 Oct 2026 01:58 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 15 Oct 2026 02:41 PM (GMT+05:30)

दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने देहरादून में प्रदर्शन किया। पुलिस को चकमा ...और पढ़ें

HighLights

  1. कांग्रेस ने दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति का विरोध किया

  2. देहरादून में पुलिस को चकमा देकर राजभवन पहुंचे कार्यकर्ता

  3. हरक सिंह रावत सहित कई कांग्रेस नेता हिरासत में लिए गए

जागरण संवाददाता, देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीवीआईपी की भूमिका की जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को कांग्रेस नेताओं ने लोकभवन के बाहर धरना दिया।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बिना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के निजी वाहनों से लोकभवन के मुख्य गेट पर पहुंचे और अंदर जाने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया, जिसके बाद सभी नेता वहीं धरने पर बैठ गए।

इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने राजपुर रोड स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकार वार्ता की। इसके बाद सभी नेता अपने-अपने वाहनों से सीधे लोकभवन के लिए रवाना हो गए। धरने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी के स्वजन को न्याय मिलना चाहिए। हत्याकांड में संलिप्त बताए जा  रहे वीवीआईपी  को जांच के दायरे में लाकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

दुष्यंत गौतम का नाम ले चुके हैं माता-पिता

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता के माता-पिता कई बार वीवीआईपी के रूप में दुष्यंत गौतम का नाम ले चुके हैं। इसके बावजूद जांच एजेंसियां उनकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि नामजद किए जा रहे वीवीआईपी को गिरफ्तारी से क्यों बचाया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस अपना संघर्ष जारी रखेगी।

कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने बताया कि कांग्रेस ने इसलिए लोकभवन जाने का निर्णय लिया, क्योंकि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित संलिप्त वीवीआईपी को लेकर वह राज्यपाल को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन लोकभवन से उन्हें समय नहीं दिया गया, इसलिए कांग्रेस ने बिना सूचना लोकभवन में जाने का निर्णय लिया।

इस मौके पर पूर्व मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व विधायक प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी, आशा मनोरमा डोबरियाल आदि मौजूद है। मौके पर पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया है।

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