विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अंकिता भंडारी हत्याकांड: कांग्रेस का सवाल, 'प्रधानमंत्री बताएं दुष्यंत गौतम नहीं तो VVIP कौन?'

Published: Thu, 15 Oct 2026 01:04 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 15 Oct 2026 01:24 PM (GMT+05:30)

कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की भूमिका पर भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी से सवाल उठाए हैं। प्रदेश ...और पढ़ें

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मामले में कथित वीवीआईपी की भूमिका की जांच करने के बजाय उन्हें सिक्किम का राज्यपाल बनाकर सम्मानित किया गया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि यदि दुष्यंत गौतम वीवीआईपी नहीं हैं तो फिर वह कौन है। साथ ही अंकिता के बुजुर्ग माता-पिता को न्याय मिलने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। कहा जिस प्रकार तीन अभियुक्त जेल में हैं उसी तरह वीवीआईपी भी जेल में होना चाहिए।

पूरे उत्तराखंड की जनता और उसके स्वाभिमान से जुड़ा विषय

बुधवार को कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में गोदियाल ने कहा कि अंकिता के माता-पिता जिस वीवीआईपी का नाम ले रहे हैं, जांच एजेंसियों को उनके बयान दर्ज कर संबंधित व्यक्ति की भूमिका की जांच करनी चाहिए थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या सीबीआइ ने दुष्यंत गौतम से पूछताछ की है। गोदियाल ने आरोप लगाया कि दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाकर मोदी सरकार ने उत्तराखंड की जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी के स्वजन को न्याय दिलाने की लड़ाई केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड की जनता और उसके स्वाभिमान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के हर मां-बाप की लड़ाई है। अंकिता के माता-पिता को न्याय मिलना चाहिए और मामले से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष तरीके से जवाब सामने आना चाहिए।

हरीश रावत ने दिल्ली में अंकिता के माता-पिता के धरने का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने धरने में शामिल होकर परिवार के प्रति समर्थन व्यक्त किया। उनके अनुसार, इससे अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता सामने आई।

दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, जनाक्रोश की चेतावनी

श्रीनगर गढ़वाल : 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस ने सरकार से सवाल पूछे हैं। पत्रकार वार्ता में पौड़ी जिलाध्यक्ष विनोद नेगी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाए जाने के फैसले की निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नियुक्ति से जनता में नाराजगी है और आने वाले समय में जनाक्रोश देखने को मिल सकता है।

विनोद नेगी ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में विफल नजर आ रही है। उन्होंने चंपावत में महिला अपराध से जुड़े मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में कार्रवाई को लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। कहा कि भाजपा का जन मुद्दों से कोई सरोकार नहीं रह गया है।

उन्होंने अंकिता भंडारी के परिजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने से हटाए जाने और हिरासत में लिए जाने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

साथ ही एसआईआर के बाद कई वैध मतदाताओं के नाम काटने पर आपत्ति जताई। कहा कि कई मतदाताओं को वोट देने से वंचित किया जा रहा है। पत्रकार वार्ता में गबर सिंह रावत, बीएलए-1 श्रीनगर, डा. जितेंद्र सिंह नेगी, जिलाध्यक्ष बुद्धि प्रकोष्ठ, जगदीश भट्ट, वीरेंद्र नेगी और महानगर अध्यक्ष सूरज घिल्डियाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- 2022 में उत्तराखंड को झकझोर गया था अंकिता हत्याकांड, भाजपा नेता का बेटा और दोस्त जेल में बंद ... बड़ा सवाल VVIP कौन?

यह भी पढ़ें- अंकिता भंडारी हत्याकांड: इंडिया गेट पर माता-पिता ने कहा- 'पूरे देश में होगा आंदोलन', कांग्रेस बोली- 'उत्तराखंड की भावनाओं से जुड़ा सवाल'