यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दस मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं ने किया सचिवालय कूच, पढ़िए पूरी खबर
मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर विभिन्न जिलों से देहरादून पहुंच आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं ने सचिवालय कूच किया। पुलिस ने उन्हें ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। मानदेय बढ़ोतरी, पदोन्नति समेत 10 मांगों को लेकर विभिन्न जिलों से दून पहुंचीं आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं ने सचिवालय कूच किया। हालांकि, सचिवालय से पहले पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। यहां संयुक्त सचिव के साथ हुई सकारात्मक वार्ता के बाद कार्यकर्त्ता लौटीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा सड़कों पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
मंगलवार को सीटू से संबद्ध आंगनबाड़ी कार्यकत्री, सेविका कर्मचारी यूनियन के बैनर तले कार्यकर्त्ता सीटू कार्यालय में एकत्र हुईं। यहां से रैली गांधी पार्क होते हुए सचिवालय के लिए निकली। सचिवालय से ठीक पहले पुलिस ने उन्हें रोक लिया, इस दौरान कार्यकर्त्ताओं ने मांग पूरी न होने पर नाराजगी जताते हुए नारेबाजी की और वहीं धरने पर बैठ गईं। सचिवालय में बाल विकास सचिव के न होने पर उनके स्थान पर संयुक्त सचिव लक्ष्मण सिंह से वार्ता हुई। जिसमें उन्होंने निदेशक को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया।
संगठन की प्रांतीय महामंत्री रजनी गुलेरिया ने कहा कि लगातार मांग के बाद भी सरकार की ओर से वार्ता के लिए बुलावा नहीं आया। जिससे राज्यभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं में आक्रोश है। कार्यकर्त्ताओं ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग को हर दिन सर्वे की रिपोर्ट देनी पड़ती है, लेकिन पोषण ट्रेकर एप पर आ रही तकनीकी समस्या के चलते कई जिलों में कार्यकर्त्ता रिपोर्ट नहीं भेज पा रही हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन किराया और पोषण अभियान के तहत कार्यकर्त्ताओं का बकाया भुगतान शीघ्र जारी किया जाए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं की बालिकाओं को भी नंदा-गौरा देवी कन्या धन योजना का लाभ मिले। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता व सहायिकाओं का नवंबर-दिसंबर 2019 का धरने के दौरान का कटा हुआ मानदेय दिया जाए। इस मौके पर संगठन की प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष जानकी चौहान, जिला महामंत्री लेखराज, जिलाध्यक्ष ज्योतिका पांडे, लक्ष्मी पंत, उर्मिला देवी, ऊषा पाल, गीता, मीनू, जाहिदा, गुलनाज आदि मौजूद रहे।
कार्यकर्त्ताओं ने मांगें भी उठाईं
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता व सहायिका को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। कार्यकर्त्ता को 21000 और सहायिका को 18000 रुपये मानदेय दिया जाए। मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता को समान काम व समान वेतन का लाभ मिले। पंजाब की तर्ज पर पदोन्नति में आयु सीमा समाप्त हो और महाराष्ट्र की तरह ग्रेच्युटी व ईएसआइ सुविधा मिले। आंगनबाड़ी केंद्रों में 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी लागू किया जाए। कार्यकर्त्ताओं को यात्रा भत्ता मिले।
