जागरण संवाददाता, देहरादून : दून में भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन निरंतर प्रयास कर रहा है। बीते रविवार को चार महिलाओं और नौ बच्चों को जिला प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू किया था। वहीं, बुधवार को छह बालिकाओं को बालिका निकेतन भेजा गया।

जिलाधिकारी डा. आर राजेश कुमार के निर्देश पर टीम ने बुधवार को तहसील चौक, ङ्क्षप्रस चौक, सर्वे चौक, डीएवी पीजी कालेज रोड क्षेत्र में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान चलाया। इस दौरान चार बालिकाएं भीख मांगती और दो बालिकाएं कूड़ा बिनती पाई गई। इन सभी को पुनर्वास के लिए बालिका निकेतन भेजा गया। वहीं, एक महिला और एक व्यक्ति को भी भीख मांगने पर रेस्क्यू किया गया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान निरंतर जारी रहेगा। कहा कि भिक्षावृत्ति सामाजिक बुराई है और इसके प्रति आमजन को भी जागरूक किया जाए। जिलाधिकारी ने रेस्क्यू किए गए व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के भी निर्देश दिए। अभियान में जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट समेत संपूर्ण भट्ट, रश्मि बिष्ट, प्रवीण, मानसी मिश्रा, शमीना, जहांगीर अलाम आदि शामिल रहे।

निर्मल बस्ती में लगाया स्वास्थ्य जांच शिविर

उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के आयुर्वेद संकाय की ओर से निर्मल बस्ती में स्वच्छता जागरूकता व स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया।

बुधवार को विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. राधाबल्लभ सती के निर्देशन में एसोसिएट प्रो. डा. नवीन जोशी, डा. राजीव कुरेले, डा. डीसी पांडे, डा. श्वेता जैन, हर्षवर्धन, फार्मासिस्ट प्रभारी विवेक तिवारी ने शिविर में बस्ती वासियों के स्वास्थ्य की जांच कर स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इस दौरान डा. नवीन जोशी ने कहा कि इस समय वर्षा का मौसम है, जिसमें विभिन्न प्रकार की बीमारियां मलेरिया, डेंगू, डायरिया, बुखार आदि की शिकायत ज्यादा रहती है। इसका मुख्य कारण स्वच्छता का अभाव है। कहा कि हमें अपने घर के आस-पास मच्छर-मक्खी आदि को नहीं पनपने देना है, ताकि बीमारी से बचा जा सके।

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Edited By: Sumit Kumar