ABVP के जयघोष में खाेई राहुल की ‘छात्रों की गूंज’, राज्य में छात्र संघ की 85 प्रतिशत सीटों पर लहरा भगवा
उत्तराखंड छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी ने 85% सीटों पर जीत दर्ज कर कांग्रेस की 'छात्रों की गूंज' पहल को फीका ...और पढ़ें
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समय कम है?
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अश्वनी त्रिपाठी, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं को अपने साथ लाने की राजनीतिक जंग अब कैंपस तक पहुंच गई है। ‘छात्रों की गूंज’ के जरिये युवा मुद्दों को राजनीतिक रंग देने में जुटी कांग्रेस को छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी ने संगठन की ताकत से जवाब दिया है।
राज्य में 85 प्रतिशत सीटों पर जीत का दावा कर एबीवीपी ने बता दिया कि युवा किसी एक दल का पेटेंट नहीं और उच्च शिक्षण संस्थानों में एबीवीपी की सांगठनिक और राष्ट्रवादी विचारों की जड़ें अभी काफी गहरी हैं। युवा मतदाताओं को लेकर राजनीतिक रस्साकशी पिछले कुछ महीनों में तेज हुई है।
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राहुल गांधी ने देहरादून में ‘छात्रों की गूंज’ के जरिये युवाओं के मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की कोशिश की। कई सवाल उठाकर कांग्रेस ने युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया। लेकिन छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी ने अपने प्रदर्शन से कांग्रेस के नैरेटिव को बेरंग कर दिया।
जिसका संगठन मजबूत, उसी के युवा
छात्रसंघ चुनाव ने युवाओं के बीच कांग्रेस के दावों की जमीनी तस्वीर सामने रख दी है। कई मुद्दे उठाकर कांग्रेस ने युवाओं को राजनीतिक रूप से जोड़ने की कोशिश भले ही की हो, लेकिन प्रदेश में कैंपस के अंदर संगठन की ताकत एबीवीपी के पक्ष में दिखी।
डीएवी, एमकेपी, एसजीआरआर समेत 38 अध्यक्ष पद कब्जाकर एबीवीपी ने अपनी सांगठनिक ताकत का लोहा मनवा दिया। नतीजों ने कांग्रेस के नैरेटिव की जमीन तक पहुंच को चुनौती दी और संदेश दिया कि युवा नैरेटिव से नहीं बल्कि कार्यकर्ता, नेतृत्व और मजबूत संगठन से जुड़ते हैं।
उत्तराखंड से भाजपा के लिए सुखद संकेत
भाजपा लंबे समय से युवाओं के बीच संवाद और संपर्क बढ़ाने पर जोर दे रही है। ऐसे में जब राष्ट्रीय राजनीति में युवा नैरेटिव को लेकर विपक्ष सक्रिय है, उत्तराखंड के छात्रसंघ चुनावों के परिणाम भाजपा के लिए संगठनात्मक दृष्टि से उत्साह बढ़ाने वाले हैं।
युवाओं के मध्य राजनीतिक जमीन तैयार करने में लगी कांग्रेस को उत्तराखंड के नतीजों ने संदेश दिया कि युवाओं के बीच एबीवीपी के संगठनात्मक ढांचे को नजरअंदाज करना आसान नहीं है।
वर्जन
छात्रसंघ चुनाव के नतीजों से भाजपा में उत्साह है। युवाओं के बीच भ्रम फैलाने की राजनीति करने वालों को छात्रसंघ चुनाव परिणामों ने आईना दिखा दिया है। युवाओं की हुंकार ने स्पष्ट किया कि देवभूमि की युवाशक्ति राष्ट्रवादी विचारधारा और छात्रहित के प्रति समर्पित संगठन के साथ है ना कि ‘झूठ की गूंज’ से युवाओं को भ्रमित करने वाली सोच के साथ।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
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