देहरादून के एमकेपी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी का दबदबा, पांच पदों पर अभाविप और एक पर एनएसयूआई की जीत
एमकेपी पीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने छह में से पांच पदों पर जीत हासिल ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, देहरादून। एमकेपी पीजी कालेज के छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने छह में से पांच पदों पर जीत हासिल की। अध्यक्ष पद पर एबीवीपी की आयुषी पैन्यूली ने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) की प्राची शर्मा को 53 वोट से हराया।
महासचिव पर एबीवीपी की भावना को 263 वोट पड़े। इसके बाद एबीवीपी समर्थकों ने विजयी प्रत्याशियों के साथ ढा़ेल नगाड़े पर थिरकते हुए कालेज परिसर से गेट का जश्न बनाया। मुख्य चुनाव अधिकारी ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई।
मंगलवार को कालेज में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, सह-सचिव, और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के पदों पर मतदान शुरू हुआ। निर्धारित समय 9:30 बजे चार कक्षों में 10 बूथों पर मतदान होना था, लेकिन प्रत्याशियों के समय पर नहीं पहुंचने के कारण निर्धारित सुबह साढ़े नौ बजे के बजाय तकरीबन आधे घंटे बाद 9:58 बजे मतदान शुरू हो सका।
चुनाव में 1289 छात्राओं ने पांच पदों के लिए मतदान किया। दोपहर एक डेढ़ बजे तक मतदान में कुल 37.94 प्रतिशत मतदान हुआ। 1289 छात्राओं में से मात्र 489 ने वोट दिया। इसके बाद सभी मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में रखकर दरवाजा सील कर दिया।
दोपहर दो बजे से हाल में मतगणना शुरू हुई। तकरीबन सवा घंटे तक चली मतगणना के बाद चार बजे मुख्य चुनाव अधिकारी डा. पुनीत सैनी ने परिणाम घोषित किए। जिसमें कोषाध्यक्ष को छोड़ सभी पदों पर एबीवीपी ने जीत दर्ज की।
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी की आयुषी पैन्यूली, उपाध्यक्ष भावना, महासचिव कृति, सह सचिव रेनू थापा, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि परीना विजेता रहे। इसके अलावा कार्यकारिणी में हर्षिता, वंशिका अरोड़ा, लक्ष्मी नेगी, इशिता राजश्री, कंचन नेगी व श्वेता चुने गए।
वहीं, कोषाध्यक्ष पद पर एनएसयूआइ की मोनिका रौथाण पहले ही विजेता घोषित की गई थी। यहां एबीवीपी की काशिश के दस्तावेजों में खामी के बाद उनका आवेदन निरस्त कर दिया था।
बीते चुनाव के मुकाबले इस बार 15.44 प्रतिशत बढ़ा मतदान
देहरादून: कालेज में सुबह से मतदान के माहौल में उत्साह नजर नजर आया। पहले डेढ़ घंटे में 219 छात्राओं ने मतदान किया। दूसरे घंटे यानी 12:30 बजे यह संख्या 410 और डेढ़ बजे 449 संख्या पहुंची। जो क्रमश: 17, 31.80 और 37.94 प्रतिशत रहा।
वर्ष 2025 में कुल 22.5 प्रतिशत मतदान हुआ। 1358 छात्राओं में से मात्र 306 ने ही वोट दिया था। इसके अलावा 2024 में कुल 21.5 प्रतिशत हुआ था। कुल 1866 छात्राओं में से 402 ने वोट डाला था। इस बार 1289 छात्राओं में से 489 ने वोट डाला। इस बार 37.80 प्रतिशत मतदान हुआ।
31 वोट ले गया नोटा, 56 वोट हुए खराब
देहरादून: कालेज में इस बार नोटा की संख्या 31 रही। इसमें सह सचिव पर सर्वाधिक आठ, उपाध्यक्ष, महासचिव और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पर सात-सात, अध्यक्ष पद पर दो ने नोट का प्रयोग किया। वहीं 56 वोट खराब हुई। इसमें महासचिव और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के 15-15 उपाध्यक्ष और सह सचिव पर 11-11 जबकि अध्यक्ष में चार वोट खराब हुए।
बेहतर कैंटीन, ई लाइब्रेरी व फैकल्टी पर जोर
देहरादून: एबीवीपी से अध्यक्ष पद से विजयी आयुषी पैन्यूली ने बताया कि कालेज में शिक्षकों की कमी है। यही वजह है कि यहां से छात्राओं के दाखिले में कमी आई है। इसलिए रक्त पदों पर शिक्षकों की पूरी भर्ती की मांग प्राथमिकता रहेगी। इसके अलावा पीजी पीने के पानी की व्यवस्था, खेल मैदान प्राथमिकता में रहेगा।
किसको कितने पड़े मत
| पद | अभाविप | एनएसयूआइ | जीत का अंतर |
| अध्यक्ष | आयूषी पैन्यूली (268) | प्राची शर्मा (215) | 53 |
| उपाध्यक्ष | भावना (263) | मोनिका (208) | 55 |
| महासचिव | कृति (268) | प्रीति (199) | 69 |
| सह सचिव | रेनू थापा (266) | संजना (204) | 62 |
| यूआर | परीना नेगी (263) | सलोनी (204) | 59 |
हार के बाद भी एनएसयूआइ ने दिया शालीनता का संदेश
छात्रसंघ चुनाव संपन्न के बाद एमकेपी पीजी कालेज में किसी न किसी मुद्दे को लेकर हंगामा खड़ा हो जाता था। 2022 और 2023 में भी चुनाव के बाद काफी हंगामा रहा। लेकिन, इस पांच पदों पर हार के बाद भी एनएसयूआइ ने शालीनता का संदेश दिया।
जैसे जैसे एबीवीपी के प्रत्याशी विजयी घोषित हुए एनएसयूआइ के प्रत्याशी व समर्थक छात्राएं वहां से सीधा निकलकर गेट के बाहर आ गए। इसके कुछ देर बाद सभी घर चले गए। इससे पहले वर्ष 2025 में भी एनआइसीयू का कब्जा रहा।
