उत्तराखंड में मतदाता सूची से हटेंगे 95 हजार नाम, कांग्रेस ने उठाए एसआइआर पर सवाल
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत 95 हजार मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की तैयारी है, क्योंकि ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआइआर) के तहत 95 हजार मतदाताओं को अयोग्य घोषित करते हुए इनके नाम सूची से हटाने की तैयारी है। अयोग्य घोषित किए गए मतदाताओं ने या तो सुनवाई के के दौरान अपेक्षित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए हैं अथवा वे स्वयं अथवा स्वजन के माध्यम से सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए हैं।
आयोग ने यह जानकारी कांग्रेस नेता व कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल के उस बयान के बाद दी है, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के नाम से नाम हटाने संबंधी आवेदन पर सवाल उठाए हैं।
उत्तराखंड में इस समय विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। इसमें दावे और आपत्तियों पर सुनवाई जारी है। तीन अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जानी है। अभियान के दौरान अब तक नाम हटाने के लिए करीब 1.73 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं।
ये फार्म मौजूदा मतदाताओं के नाम पर आपत्ति जताते हुए उन्हें हटाने के लिए दिए गए हैं। इन फार्म में अब तक 95 हजार से अधिक ऐसे मतदाताओं के नाम शामिल हैं, जिन्हें सुनवाई प्रक्रिया में अयोग्य चिह्नित किया गया है।
कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने इन आपत्तियों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ईआरओ स्वयं फैसला लेने वाले अधिकारी हैं, ऐसे में उनके और ईआरओ के नाम से क्या आपत्तियां लगाई जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि कहीं साफ्टवेयर द्वारा स्वयं लगाई गईं आपत्तियां तो नहीं हैं, जिन पर आयोग के दो आयुक्तों ने सवाल उठाया है। वहीं, इस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं ने पूरी जानकारी नहीं दी है।
उन्हें संबंधित ईआरओ या एईआरओ ने ईसीआई नेट पर संबंधित मतदाता को अयोग्य किया है। इसके बाद प्रणाली के माध्यम से फार्म- 7 स्वत: जनरेट होकर नाम विलोपन के लिए चिह्नित किया गया।
कार्यालय ने स्पष्ट किया कि अयोग्य घोषित किए गए व्यक्तियों के लिए मतदाता सूची में शामिल होने का रास्ता बंद नहीं हुआ है। तीन अक्टूबर को अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद वे नए मतदाता बनने के लिए फार्म-6 भर सकते हैं।
आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर वे चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। कार्यालय के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है।
अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और ईआरओ को दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का घेराव करेगी कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस ने एसआइआर प्रक्रिया में चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे देश में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों के घेराव का निर्णय लिया है।
इस कड़ी में प्रदेश कांग्रेस शुक्रवार को सचिवालय परिसर स्थित चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव करेगी। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस आयोग की इस कार्यशैली के खिलाफ निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का घेराव करेगी।
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