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देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू का कहर नहीं थम रहा है। एक भी दिन ऐसा नहीं बीत रहा जब इस बीमारी का कोई नया मरीज सामने नहीं आ रहा। अब मरीजों का आंकड़ा सैकड़ा छूने के करीब है। आठ नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। 

मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी आठ मरीज श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती हैं। इसमें छह मरीज देहरादून के रहने वाले हैं, जबकि एक मरीज सहारनपुर व एक हरिद्वार से है। इन आठ मामलों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रदेश में स्वाइन फ्लू पीड़ितों की संख्या 81 पहुंच गई है। जिनमें 17 मरीजों की मौत भी हो चुकी है।

बीते एक माह में स्वाइन फ्लू ने जमकर कहर बरपाया है। स्वास्थ्य महकमा पुख्ता इंतजाम के दावे जरूर कर रहा है, पर वायरस का असर कहीं से भी कम होता नहीं दिख रहा है। बल्कि सर्द मौसम इसके लिए और भी ज्यादा मुफीद बना हुआ है। 

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके गुप्ता के अनुसार स्वाइन फ्लू एक संक्रामक रोग है, इसलिए एहतियात जरूरी है। जितना संभव हो हाथ साबुन से धोएं। संक्रमित व्यक्ति या ऐसा व्यक्ति जिसमें स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं, उससे दूरी रखें। यदि आपको स्वयं को स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हैं, तो घर में रहिए। यदि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना मजबूरी है तो मास्क अवश्य पहनें। भीड़ वाली जगह पर जाने से बचें। पानी अधिक मात्रा में पीएं। लक्षण दिखते ही डॉक्टर की सलाह पर दवा लें।

ये हैं उपाय 

लक्षणों वाले मरीज को आराम, खूब पानी पीना चाहिए। शुरुआत में पैरासिटामॉल जैसी दवाएं बुखार कम करने के लिए दी जाती हैं। बीमारी के बढ़ने पर एंटी वायरल दवा ओसेल्टामिविर (टैमी फ्लू) और जानामीविर (रेलेंजा) जैसी दवाओं से स्वाइन फ्लू का इलाज किया जाता है। 

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