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आर्मी में नौकरी दिलाने के नाम पर 1.45 लाख की ठगी, दो गिरफ्तार, 46 फर्जी नियुक्ति पत्र व दस्तावेज बरामद

By Brijesh pandeyEdited By: Rahul Chauhan
Published: Tue, 29 Sep 2026 03:55 PM (IST)

बनबसा पुलिस ने आर्मी एमईएस में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई से बनाई गई है

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जागरण संवाददाता, बनबसा (चंपावत)। आर्मी के मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का बनबसा पुलिस और एसओजी ने पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने मुख्य आरोपित धीरज सक्सेना निवासी भजनपुर, बनबसा और उसके सहयोगी गणेश बहादुर निवासी धारचूला को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से 46 फर्जी नियुक्ति पत्र, कूटरचित दस्तावेज, एमईएस की फर्जी मोहर, स्टांप पैड, अभ्यर्थियों के फोटो, मेडिकल प्रमाण पत्र, दो मोबाइल फोन और स्कूटी बरामद की गई है।

पुलिस के अनुसार 28 सितंबर को मिलिट्री इंटेलिजेंस बनबसा, मुख्यालय लखनऊ की सूचना के आधार पर टनकपुर निवासी गुरु शरण सिंह ने थाना बनबसा में धीरज सक्सेना व गणेश बहादुर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई।

आरोप है कि दोनों ने एमईएस में नौकरी दिलाने के नाम पर उससे पांच हजार रुपये नकद और 1.40 लाख रुपये यूपीआइ के माध्यम से लिए थे। 28 सितंबर को धीरज ने नियुक्ति पत्र देने और बायोमेट्रिक कराने के लिए कमल पथ आर्मी एरिया बनबसा के पास बुलाया था।

पीड़ित जब बताए गए स्थान पर पहुंचा तो वहां कई अन्य लोग भी मिले। पुलिस के मुताबिक सोनिया जोशी निवासी भूड़ महोलिया खटीमा, कविता जोशी निवासी राजेंद्र नगर खटीमा, उमेश भारद्वाज निवासी जयपुर राजस्थान और धारा सिंह बैरवा निवासी गंगानगर राजस्थान समेत कई अभ्यर्थियों से भी नौकरी दिलाने के नाम पर धनराशि ली गई थी।

sउन्हें भी फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बायोमेट्रिक के नाम पर बुलाया गया था। लोगों के पहुंचने के बाद धीरज सक्सेना अपने साथी गणेश बहादुर के साथ स्कूटी से मौके से भाग गया।

मोबाइल में लाखों के लेनदेन की पुष्टि

मामला दर्ज होने के बाद थानाध्यक्ष बनबसा के नेतृत्व में थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने देर रात धीरज सक्सेना को उसकी स्कूटी संख्या यूके07एसी-3133 के साथ गिरफ्तार किया। उसके पास से 35 लोगों के जॉइनिंग लेटर, एमईएस की दो मोहर, स्टांप पैड, कूटरचित दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद हुए।

वहीं, गणेश बहादुर के कब्जे से 11 लोगों की फाइलों में नियुक्ति पत्र व अन्य दस्तावेज, मेडिकल प्रमाण पत्र, मोबाइल फोन और फर्जी मोहर बरामद की गई। पुलिस के अनुसार धीरज के मोबाइल में लाखों रुपये के लेनदेन की पुष्टि हुई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की कुल रकम के संबंध में जांच कर रही है।

ये सामान हुआ बरामद

धीरज सक्सेना से: रियलमी मोबाइल, स्टांप पैड, एजीई (एमईएस) बनबसा की मोहर, फोटो व नमूना मोहर और कूटरचित दस्तावेजों का फोल्डर।

गणेश बहादुर से: वीवो मोबाइल, जीई पिथौरागढ़ की मोहर, फोटो व अन्य दस्तावेज।
अन्य: टीवीएस वेगो स्कूटी संख्या यूके07एसी-3133।

पुलिस टीम में एसआइ विनय मित्तल, थानाध्यक्ष बनबसा, एसआइ कमलेश भट्ट प्रभारी एसओजी, एएसआइ धीरेंद्र बिष्ट, हेड कांस्टेबल महेंद्र डंगवाल, कांस्टेबल रविंद्र वर्मन, ललित चौधरी, मदन सिंह और कुलदीप सिंह शामिल रहे।

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