देवीधुरा बग्वाल मेला: आठ मिनट रणबांकुरों ने उत्साह के साथ खेला युद्ध, जमकर चले फल और फूल
चंपावत के देवीधुरा स्थित मां वाराही मंदिर परिसर में विश्व प्रसिद्ध बग्वाल मेला उत्साह के साथ संपन्न हुआ। आठ मिनट ...और पढ़ें
HighLights
विश्व प्रसिद्ध बग्वाल मेला देवीधुरा के मां वाराही मंदिर में खेला गया
रणबांकुरों ने उत्साह के साथ आठ मिनट तक फल-फूल युद्ध किया
हजारों लोगों ने इस विहंगम दृश्य को देखने के लिए भीड़ लगाई
जागरण संवाददाता, चंपावत। देवीधुरा स्थित मां वाराही मंदिर परिसर में विश्व प्रसिद्ध बग्वाल मेला हर्षोल्लास के साथ खेला गया। इस दौरान रणबांकुरो में उत्साह खूब देखने को मिली। वहीं यह विहंगम दृश्य देखने के लिए हजारों लोग उपस्थित थे।
चार खाम और सात थोक के हजारों युवा, बच्चे, बुजुर्ग सुबह से ही यहां आने शुरू हो गए। हांथी में लाठी, फर्रे लेकर पहले मां वाराही शक्तिपीठ की परिक्रमा की। इसके बाद रणबांकुरो को अनुमति मिलने पर उत्साह के साथ एक बजकर 48 मिनट पर बग्वाल शुरू किया। इस दौरान दोनों ओर से खूब जमकर फल और फूलों से युद्ध खेला गया।
आठ मिनट तक चले बग्वाल को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने घरों, मैदान और जिसे जहां जगह मिली वहीं से इस दृश्य को देखा। वहीं बग्वाल समाप्त होने पर मां वाराही मंदिर में मत्था टेका।
बग्वाल में एक दशक से हुए ये बदवाल
- 2012 तक पत्थरों से खेली जाती थी बग्वाल
- 2013 से फल-फूलों से खेली जाने लगी बग्वाल
- 2020 में कोरोना की वजह से नहीं हो सका था बग्वाल युद्ध, सांकेतिक खेली गई बग्वाल
- 2021 में भी कोरोना की मार के चलते सिर्फ प्रतीकात्मक रही बग्वाल
- 2022 में बग्वाल को विभागीय मेले का दर्जां मिला
- 2023 में बग्वाल को मिला राजकीय मेले का दर्जा
यह भी पढ़ें- देवीधुरा बनेगी नगर पंचायत, मुख्यमंत्री धामी ने बग्वाल मेले के दौरान किया ऐलान
