उत्तराखंड: कर्णप्रयाग तलवारबाजी मामले में चारों निहंगों को कोर्ट से मिली जमानत, रात को जेल से हुए रिहा
चमोली जिले के कर्णप्रयाग में तलवारबाजी के आरोपित चार निहंगों को जमानत मिलने के बाद शनिवार रात जेल से रिहा कर दिया गया।

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
कर्णप्रयाग तलवारबाजी मामले के चार आरोपित निहंगों को जमानत मिली
शनिवार रात को तीन निहंगों को जेल से रिहा किया गया
रिहाई से उत्तराखंड-हिमाचल प्रशासन ने राहत की सांस ली
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग में बीते 16 जून को पार्किंग विवाद के बाद तलवार से जानलेवा हमला करने के आरोपित चार निहंगों को जिला एवं सत्र न्यायाधीश विंध्याचल सिंह की अदालत से जमानत मिलने के बाद शनिवार रात को जेल से रिहा कर दिया गया।
शनिवार देर शाम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कर्णप्रयाग की अदालत में बेल बांड दाखिल होने के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे तीनों आरोपितों सतविंदर सिंह, अजय सिंह और जसप्रीत सिंह को रिहा किया गया।
वहीं, चौथे घायल निहंग मनप्रीत सिंह का पुलिस निगरानी में एम्स ऋषिकेश में इलाज चल रहा है।
शासन-प्रशासन को बड़ी राहत
निहंगों की रिहाई से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश शासन-प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इस मामले को लेकर पंजाब से आए निहंगों के कई जत्थे हिमाचल के पांवटा साहिब गुरुद्वारे में डेरा डाले हुए थे।
उन्होंने शुक्रवार को आरोपियों की तत्काल रिहाई न होने पर रविवार शाम उत्तराखंड सीमा पर बैरियर तोड़ने का 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
इससे पहले गुरुवार को निहंगों ने कुल्हाल सीमा पर भारी हंगामा किया था और देर रात पुलिस को चकमा देकर देहरादून की सीमा में घुस गए थे, जिन्हें बाद में वापस खदेड़ा गया था।
इस हंगामे को लेकर कुल्हाल चौकी में 150-200 अज्ञात निहंगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज है।
शनिवार को निहंगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जेल में बंद साथियों और एम्स में भर्ती घायल निहंग से मुलाकात कर व्यवस्थाओं पर संतोष जताया था। इस रिहाई के बाद अब बॉर्डर पर तनाव पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद है।
क्या था मामला?
- 16 जून: हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे चार निहंगों का चमोली जिले के कर्णप्रयाग में बदरीनाथ राजमार्ग पर एक होटल संचालक से पार्किंग को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि निहंगों ने तलवारों से हमला कर चार स्थानीय लोगों को लहूलुहान कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया था।
- 23 जून: इस एकतरफा कार्रवाई के विरोध में चार अन्य निहंगों ने रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़कर कब्जा कर लिया था। हालांकि, प्रशासन और सिख प्रतिनिधियों की बातचीत के बाद मामला शांत करा लिया गया था।
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