यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Joshimath Sinking: डेंजर जोन खाली कराने का अभियान शुरू, SDRF ने स्थानीय लोगों को दिया तीन दिन का समय
Joshimath Sinking भूधंसाव से प्रभावित जोशीमठ के डेंजर जोन को खाली कराने का अभियान शुरू कर दिया गया है। जिला ...और पढ़ें

टीम जागरण, चमोली: Joshimath Sinking: भूधंसाव से प्रभावित जोशीमठ के डेंजर जोन को खाली कराने का अभियान शुरू कर दिया गया है। एसडीआरएफ ने खतरे वाले भवनों के स्वामियों को घर खाली करने का तीन दिन का नोटिस दिया है।
वहीं घर खाली करने में मदद करने के लिए एसडीआरएफ की 60 जवानों की टीम लगाई गई है। यहां करीब 500 घरों को खाली किया जाना है। हालांकि लोग घरों को छोड़ने को राजी नहीं है, इससे जिला प्रशासन की चुनौती बढ़ी है।
घर खाली नहीं करने वालों को जबरन हटाया जाएगा
जिला प्रशासन के अनुसार तीन दिन में डेंजर जोन से घर खाली नहीं करने वालों को जबरन हटाया जाएगा। उनके पुनर्वास के लिए भी व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन अब तक 129 परिवारों को डेंजर जोन से हटाकर पुनर्वासित कर चुका है।
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46 परिवारों को पांच-पांच हजार रुपये के चेक दिए
खतरे के बाद भी आपदा प्रभावितों को राहत शिविर में भेजना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। स्थिति यह है कि खतरे के बाद भी भवन स्वामी घरों में ही जमे हैं।
रविवार को जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जोशीमठ नगर के मारवाड़ी वार्ड में लोगों से अपील की कि वह असुरक्षित घरों में ना रहें और सुरक्षित स्थानों पर जाएं।
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रविवार को दो और परिवारों को गुरुद्वारा जोशीमठ व आठ परिवारों को होटल द्रोणगिरी में शिफ्ट किया गया। बीते शनिवार तक 42 परिवारों को राहत कैंप में भेजा जा चुका है। अब तक कुल 52 परिवारों को राहत कैंप में शिफ्ट किया गया है।
जिला प्रशासन की ओर से आपदा प्रभावित 46 परिवारों को पांच-पांच हजार रुपये प्रति परिवार की दर से घरेलू सामान व राशन के लिए दो लाख 30 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।