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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हेमकुंड और लक्ष्मण लोकपाल मंदिर के कपाट खुले, 15225 फीट की ऊंचाई पर स्थित; यात्रा को ये नियम जरूरी

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Sat, 18 Sep 2021 08:20 PM (IST)Updated: Sat, 18 Sep 2021 09:20 PM (IST)

Hemkund Sahib Yatra 2021 हेमकुंड साहिब यात्रा भी शुरू हो गई है। शनिवार को हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर ...और पढ़ें

हेमकुंड के कपाट खुलने पर उपस्थित श्रद्धालु। साभार सेवा सिंह।
हेमकुंड के कपाट खुलने पर उपस्थित श्रद्धालु। साभार सेवा सिंह।

संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। Hemkund Sahib Yatra 2021 उत्तराखंड में चार धाम के साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा भी शुरू हो गई है। शनिवार को हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट खोल दिए गए। गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि पहले दिन सौ से अधिक श्रद्धालुओ ने मत्था टेका। आमतौर पर यहां कपाट जून में खोले जाते हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते यात्रा कार्यक्रम में विलंब हुआ। पिछले वर्ष भी हेमकुंड साहिब यात्रा का संचालन सितंबर में ही हुआ था।

समुद्रतल से 15225 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर सिखों और हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं। संगत तड़के पांच बजे हेमकुंड साहिब के अंतिम पड़ाव घांघरिया से रवाना हुई। घांघरिया से पांच किलोमीटर की दूरी तय कर करीब साढ़े सात बजे संगत हेमकुंड साहिब पहुंची। करीब आठ बजे मुख्य ग्रंथी कुलबंत सिंह के नेतृत्व में निशान साहिब के चोले बदले गए।

(हेमकुंड में गुरूग्रंथ साहिब को दरबार साहिब में ले जाते गुरूद्वारा प्रबंधन कमेटी के सेवादार। साभार सेवा सिंह)

इसके बाद पंज प्यारों की अगुआई में गुरुग्रंथ साहिब को सच्चखंड से लाकर दरबार साहिब में सुशोभित किया गया। दोपहर करीब 12.15 बजे इस साल की पहली अरदास हुई और साढ़े बारह बजे गुरुग्रंथ साहिब से हुक्मनामा लेकर यात्रा का शुभारंभ हुआ।

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(हेमकुंड यात्रा के लिए जाते श्रद्धालु। साभार सेवा सिंह)

ऋषिकेश गुरुद्वारा में कराना होगा पंजीकरण

गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि सभी यात्रियों को टीके की दोनों डोज का सर्टिफिकेट अथवा 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट के साथ ऋषिकेश स्थित गुरुद्वारे में अपना पंजीकरण कराना होगा। उन्होंने बताया कि हेमकुंड साहिब आने वाले यात्रियों को स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि गोविंदघाट में पंजीकरण के सत्यापन के बाद ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।

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