संवाद सूत्र, पांडुकेश्वर (चमोली): बदरीनाथ धाम के शीतकालीन पूजा स्थल पांडुकेश्वर गांव में रविवार सुबह बारीदार किशोर पंवार के घर गाड़ू घड़े (तेल कलश) की पूजा-अर्चना हुई और इसके बाद उसे पुष्प वर्षा के बीच नरेंद्रनगर राजमहल के लिए रवाना किया गया। इससे पूर्व, भगवान बदरी विशाल को इस साल का पहला राजभोग भी लगाया गया। 

शनिवार को नृसिंह मंदिर जोशीमठ में तेल कलश डिमरी केंद्रीय पंचायत के सुपुर्द किया गया था। इसके बाद पंचायत के सदस्य तेल कलश लेकर पांडुकेश्वर पहुंचे। यहां रात में तेल कलश की पूजा-अर्चना हुई। रविवार सुबह भी योग-ध्यान मंदिर के पुजारी राजेंद्र प्रसाद डिमरी ने कलश की विधिवत पूजा-अर्चना की और फिर उसे डिमरी पुजारियों को सौंपा गया।यहां से कलश लेकर डिमरी पुजारी इस साल के बारीदार किशोर पंवार के घर पहुंचे। यहां भगवान बदरी विशाल को इस साल का पहला राजभोग लगा। जबकि, श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दाल-चावल वितरित किए गए। इसके बाद तेल कलश को दोबारा नृसिंह मंदिर ले जाया गया, जहां बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने उसकी पूजा-अर्चना की। दोपहर का भोग व पूजा-अर्चना के बाद तेल कलश डिम्मर गांव के लिए रवाना हुआ। वहां उसे खांडू देवता मंदिर में रखा गया है। इस मौके पर जयंती प्रसाद डिमरी, संजय डिमरी, विनोद डिमरी, आशुतोष डिमरी, पंकज डिमरी, प्रकाश भंडारी, परमेश्वर डिमरी आदि मौजूद रहे।

डिम्मर से कलश आज ऋषिकेश होते हुए नरेंद्रनगर राजमहल ले जाया जाएगा। 16 फरवरी को वसंत पंचमी के मौके पर राजमहल में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि व मुहूर्त निकाले जाएंगे। इसी दिन सुहागिनों द्वारा भगवान बदरी विशाल के शृंगार के लिए तिलों का तेल भी पिरोया जाएगा। कपाट खुलने की पूर्व संध्या पर तेल कलश यात्रा बदरीनाथ धाम पहुंचेगी। 

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Edited By: Raksha Panthri