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बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी मामला: सुरक्षा संवर्ग में स्वीकृत 57 पदों पर आज तक नहीं हुई नियुक्ति

Published: Sun, 12 Jul 2026 09:31 PM (IST)

बदरीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण के बीच सामने आया है कि स्वीकृत 57 सुरक्षा पदों पर आज तक नियुक्तियां ...और पढ़ें

बदरीनाथ धाम।

बदरीनाथ धाम।

HighLights

  1. बदरीनाथ धाम में 57 सुरक्षा पद स्वीकृत, पर नियुक्तियां नहीं हुईं

  2. चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण ने मंदिर सुरक्षा की खामियां उजागर कीं

  3. बीकेटीसी ने अस्थायी आईटीबीपी बटालियनें तैनात करने को कहा

संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। दान-चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण सामने आने से पहले भी बदरीनाथ धाम में विवाद सामने आते रहे हैं, लेकिन इन्हें हमेशा ही नजरअंदाज किया गया।

मंदिर की सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था व दान-चढ़ावा गणना पर नजर रखने के लिए वर्ष 2024 में मजबूत सुरक्षा ढांचा बनाने की कवायद शुरू तो हुई, जो अंजाम तक नहीं पहुंची।

तब इसे सुरक्षा संवर्ग नाम देकर इसमें बाकायदा 57 पद स्वीकृत किए गए थे, जिन पर आज तक नियुक्तियां नहीं हो पाईं।

बदरी-केदार धाम की सुरक्षा जिम्मेदारी कभी पुलिस तो कभी आइटीबीपी के पास रहती है, लेकिन मंदिर के अंदर की सुरक्षा आज भी भगवान भरोसे है।

वर्ष 1984 में मंदिर की सुरक्षा को लेकर चार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी, जो कालांतर में सुरक्षा के बजाय सेवा भाव में जुट गए। इनके पास न बंदूक है, न डंडा और न वर्दी ही।

ऐसे में ये सुरक्षाकर्मी कम स्वयं सेवक ज्यादा नजर आते हैं। वर्तमान में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन बदरी-केदार धाम समेत 47 मंदिर हैं और सभी जगह सुरक्षा का जिम्मा स्वंय सेवकों के भरोसे है।

वर्ष 2024 में तत्कालीन अध्यक्ष अजेंद्र अजय के नेतृत्व वाली मंदिर समिति ने कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली बनाई थी। इसी के साथ सुरक्षा संवर्ग की आवश्यकता को प्रमुखता देते हुए इसके लिए भी कार्ययोजना बनी।

तब सुरक्षा संवर्ग में 57 पदों की आवश्यकता बताते हुए पद सृजन के लिए शासन से पत्राचार हुआ और जुलाई 2024 में शासन ने इन पदों को भरने की स्वीकृति भी दे दी।

सुरक्षा संवर्ग में मुख्य मंदिर सुरक्षा अधिकारी के लिए डीएसपी रैंक का एक पद, मंदिर सुरक्षा अधिकारी के लिए इंस्पेक्टर रैंक के दो पद और उप मंदिर सुरक्षा अधिकारी के लिए सब इंस्पेक्टर रैंक के चार पद स्वीकृत थे।

इन पर तैनाती नागरिक पुलिस व अद्धैसैनिक बलों से प्रतिनियुक्ति के आधार पर होनी थी।

इसके अलावा मुख्य मंदिर रक्षक के 10 और मंदिर रक्षक के 40 पद भी सृजित किए गए, जो हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल रैंक के थे। इन्हें आउटसोर्स के माध्यम से भरा जाना था।

ऐसा हो जाता तो मंदिर में दर्शन, गणना व सुरक्षा के साथ ही भगवान बदरी विशाल के खजाने की सुरक्षा के लिए आज एक अलग ही ढांचा होता।

लेकिन, जिम्मेदारों की ओर से रुचि न लिए जाने के कारण सब-कुछ धरा का धरा रह गया। नतीजा आज सबके सामने है।

शासन से मांगी आइटीबी की दो बटालियन

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि धाम में सुरक्षा संवर्ग को लेकर पद स्वीकृत होने की जानकारी मिली है।

भविष्य में सुरक्षा संवर्ग का ढांचा खड़ा किया जाएगा। फिलहाल सुरक्षा का मजबूत घेरा बनाने के लिए बदरीनाथ व केदारनाथ धाम में आइटीबीपी की दो बटालियन अस्थायी रूप से तैनात करने के लिए मंदिर समिति ने शासन को पत्र लिखा है।

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