बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी: 5 दिन में 8 बार पकड़ा गया आरोपित प्रमोद नौटियाल, कई कर्मचारी भी संदिग्ध
बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी मामले में बीकेटीसी की जांच पूरी हो गई है, जिसमें आरोपित प्रमोद नौटियाल के पांच दिन में आठ बार हेराफेरी करने की पुष्टि हुई है

बदरीनाथ धाम।
HighLights
बीकेटीसी की चार सदस्यीय टीम की जांच पूरी
प्रमोद नौटियाल ने पांच दिन में आठ बार हेराफेरी की
एसआइटी ने दो जुलाई की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। चढ़ावा हेराफेरी मामले में बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से गठित चार सदस्यीय टीम की जांच पूरी हो गई है।
सूत्रों के अनुसार जांच में आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के पांच दिन में आठ बार सोने-चांदी की दान वस्तुओं व चढ़ावे में हेराफेरी करने की पुष्टि हुई है।
साथ ही कई अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है। टीम जांच रिपोर्ट सोमवार को मुख्य कार्याधिकारी को सौंपेगी।
वहीं, एसआइटी ने शनिवार को दो जुलाई की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली।
बदरीनाथ धाम में दो जुलाई दान-चढ़ावे की गणना के दौरान मंदिर समिति के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल पर हेराफेरी के आरोप लगे थे। इसके बाद मंदिर समिति ने मामले की जांच बैठाकर नौटियाल के निलंबन के साथ उसके विरुद्ध बदरीनाथ कोतवाली में गबन का मुकदमा दर्ज करा दिया था।
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान पांच दिन की फुटेज में ही नौटियाल के आठ बार नोटों के बंडल व सोने-चांदी के उपहार ले जाने की पुष्टि हुई।
फुटेज में वह मोबाइल के नीचे छिपाकर पांच-पांच सौ रुपये के बंडल ले जाते और सोने-चांदी के उपहार जेब में डालते दिख रहा है। जांच टीम को महज 13 दिन की फुटेज ही उपलब्ध हो पाई।
वहीं, एसआइटी भी दस्तावेज खंगालने में जुटी है। हालांकि, अभी भी मंदिर समिति की ओर से उसे मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। लिहाजा, एसआइटी की ओर से समिति को रिमांडर भेजा गया है।
सूत्रों ने बताया कि मंदिर समिति के अधिकारी दस्तावेजों के संकलन में देरी का बहाना कर रहे हैं। एसआइटी प्रभारी मदन बिष्ट ने बताया कि दो जुलाई की सीसीटीवी फुटेज को भी कब्जे में लिया गया है, लेकिन जांच दस्तावेज मिलने के बाद ही तेज हो पाएगी।
मंदिर समिति की जांच टीम बदरीनाथ से लौट आई है। टीम सोमवार को ऋषिकेश स्थित कैंप कार्यालय पहुंचकर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। शासन के निर्देश पर गढ़वाल कमिश्नर की अगुआई में गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति शनिवार को भी बदरीनाथ नहीं पहुंच पाई।
सोहन सिंह रांगड़, सीईओ, बदरी-केदार मंदिर समिति
कमिश्नर की रिपोर्ट का इंतजार
चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी गंभीरता से लिया है। मामला संज्ञान में आने के बाद शासन ने सात जुलाई को गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी थी।
समिति को 15 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी है। यह रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह भी पढ़ें- बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: आरोपित प्रमोद नौटियाल ने भेजा जवाब, कहा-'मोबाइल के नीचे नोट नहीं, नोटबुक थी'
यह भी पढ़ें- बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल ने उत्तराखंड हाई कोर्ट में दी चुनौती
