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हरीश रावत का अमित शाह पर हमला, 'देवभूमि को विभाजनकारी राजनीति से बचाने की अपील'

Published: Sat, 07 Nov 2026 02:31 PM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून दौरे को निराशाजनक बताया और भाजपा पर विभाजनकारी एजेंडे का आरोप लगाया।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत. Jagran

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत. Jagran

HighLights

  1. हरीश रावत ने अमित शाह के दौरे को निराशाजनक बताया

  2. भाजपा पर विभाजनकारी एजेंडे और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए

  3. उत्तराखंड में विकास, पलायन, बेरोजगारी पर सवाल उठाए

जागरण संवाददाता, बागेश्वर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून दौरे को निराशाजनक बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने विभाजनकारी एजेंडे के लिए देवभूमि उत्तराखंड का इस्तेमाल न करे।

गृह मंत्री ने उन पर जो आरोप लगाए हैं, उनके प्रमाण सार्वजनिक करें। आरोप साबित होने पर वह राजनीति से इस्तीफा दे देंगे। रावत ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के तीन साल के कामकाज पर सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी।

200 गांव घोस्ट विलेज बन गए

स्थानीय लोनिवि गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान रावत ने कहा कि प्रदेश में करीब 15 हजार बाखली खंडहर हो चुकी हैं और 200 गांव घोस्ट विलेज बन गए हैं। गांवों में भाजपा कार्यकर्ताओं से ज्यादा जंगली जानवर हैं और पलायन जारी है।

उन्होंने पूछा कि भाजपा बताए, प्रदेश में विकास कहां हो रहा है। उनके अनुसार, सरकारी नीतियों ने ठेकेदारी और छोटे कारोबार के जरिये रोजगार पाने वाले मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। खड़िया, लीसा, रेता और बजरी के कारोबार में रोजगार के अवसर ठप हैं तथा खनन का एकाधिकार स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने खनन का काम किसी व्यक्ति विशेष को सौंपने की तैयारी की आशंका जताई। रावत ने भाजपा सरकार से भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब मांगा।

रेखा आर्य प्रकरण में 210 करोड़ रुपये की संपत्ति के मामले पर उन्होंने भाजपा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से जवाब देने को कहा। रेखा आर्य और गणेश जोशी को उन्होंने सरकार के भ्रष्टाचार का माडल बताया। उन्होंने कहा कि जैन प्रकरण व्यक्ति विशेष तक सीमित है, जबकि अंकिता प्रकरण उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़ा है। रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव में 45 से अधिक सीटें जीतने के कांग्रेस के लक्ष्य का उल्लेख किया और खानपुर से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई।

उन्होंने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर एक दल को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ेगी। इस दौरान पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, हरीश ऐठानी, भगत डसीला, राजेंद्र टंगड़िया, बालकृष्ण और बसंत कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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