बागेश्वर में फर्जी प्रमाणपत्रों पर नौकरी कर रहे 10 शिक्षक बर्खास्त, शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई
बागेश्वर में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर कार्यरत 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। रामनगर बोर्ड ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, बागेश्वर। राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर पिछले दो महीनों से कार्यरत 10 शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने कठोर कार्रवाई की है। विभागीय सत्यापन के दौरान रामनगर बोर्ड की जांच में इन शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी और कूटरचित पाए गए, जिसके बाद सभी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है। यह मामला बागेश्वर, कपकोट और कांडा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालयों से संबंधित है। विभागीय सत्यापन प्रक्रिया के तहत संबंधित शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेज रामनगर बोर्ड को जांच के लिए भेजे गए थे।
बोर्ड की रिपोर्ट में प्रमाणपत्रों की फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद विभाग ने सभी 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दीं। इस कार्रवाई से उन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं, जहां ये शिक्षक लंबे समय तक कार्यरत रहे।
विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी के बीच फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्त व्यक्तियों के अध्यापन से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का मामला गंभीर माना जा रहा है। अब विभाग ने कानूनी कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी है।
इन 10 शिक्षकों के प्रमाणपत्र लंबे समय बाद फर्जी पाए जाने से नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन की व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठ खड़े हुए हैं।
यह जानना आवश्यक है कि जिन प्रमाणपत्रों को अब बोर्ड की जांच में फर्जी बताया गया, उनका नियुक्ति के समय सत्यापन किस स्तर पर हुआ था और संबंधित अभिलेखों की जांच में चूक कैसे हुई।
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