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अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का सिलसिला जारी, चार साल में तीसरी घटना; छवि पर उठे सवाल

Published: Wed, 04 Feb 2026 08:49 AM (IST)

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे कॉलेज की छवि पर सवाल उठ रहे ...और पढ़ें

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज. File Photo

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज. File Photo

HighLights

  1. अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का यह तीसरा मामला

  2. छह छात्रों पर हुई कार्रवाई, अभिभावक चिंतित और प्रशासन पर सवाल

  3. कॉलेज की छवि और प्रशासन की सख्ती पर उठे सवाल

जागरण संवाददाता, अल्मोड़ा। एसएसजे राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान (मेडिकल कॉलेज) अल्मोड़ा एक बार फिर रैगिंग के मामलों को लेकर चर्चा में है। राज्य का यह एकमात्र पर्वतीय मेडिकल कॉलेज रैगिंग की घटनाओं के चलते लगातार बदनाम होता जा रहा है, जिससे इसकी शैक्षणिक और प्रशासनिक छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का पहला मामला लगभग दो वर्ष पूर्व सामने आया था। इसके बाद आठ माह पहले वर्ष 2025 भी इसी तरह की घटना ने कॉलेज प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। उस समय कॉलेज प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए जूनियर और सीनियर छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी मौके पर बुलाकर काउंसलिंग कराई थी। आपसी सहमति और समझौते के बाद उस मामले को रफा-दफा कर दिया गया था।

जनवरी 2022 में अस्तित्व में आया। मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें हैं। स्थापना के वर्ष ही यहां एंटी-रैगिंग कमेटी का गठन भी किया गया था। बावजूद इसके, रैगिंग की घटनाओं का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। बीते वर्षों की तुलना में मामलों की पुनरावृत्ति यह संकेत दे रही है कि निगरानी और रोकथाम के प्रयास अपेक्षित स्तर पर प्रभावी नहीं हो पा रहे हैं।

ताजा मामले में कॉलेज प्रशासन ने छह छात्रों पर जुर्माना लगाने और कुछ पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त संदेश देने के उद्देश्य से उठाया गया है। वहीं अभिभावकों और छात्र संगठनों का मानना है कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सतत निगरानी, संवेदनशीलता और जागरूकता कार्यक्रमों की भी जरूरत है।

फिलहाल सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई रैगिंग पर पूर्ण विराम लगा पाएगी या फिर कॉलेज प्रशासन को और कठोर व प्रभावी रणनीति अपनानी होगी। आने वाला समय ही तय करेगा कि अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज रैगिंग मुक्त परिसर बनने की दिशा में कितना सफल हो पाता है।

समय-समय पर छात्रों व अभिभावकों की काउंसलिंग की जाएगी। कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। - प्रो. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा

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