संवाद सूत्र, रानीखेत (अल्मोड़ा): Leopard Attack : रानीखेत में कुंवाली घाटी के दैना गांव में बुजुर्ग मोहन राम को शिकार बनाने वाली हिंसक मादा गुलदार को शिकारी राजीव सोलोमन ने ढेर कर दिया। एक गोली मादा गुलदार के सिर और दूसरी दिल को चीरती हुई पार हो गई।

ग्रामीणों ने हंगामा काटते हुए संदेह जताया कि असली आदमखोर को नहीं मारा गया। शिकारी राजीव और रेंजर मनोज लोहनी ने हिंसक वन्यजीव के सारे लक्षण और उसकी गतिविधियों का हवाला देकर मामला शांत कराया।

65 वर्षीय मोहन राम को गुलदार ने शिकार बना लिया था

29 नवंबर की शाम चार बजे रानीखेत तहसील के दैना गांव निवासी 65 वर्षीय मोहन राम को गुलदार ने शिकार बना लिया था। घटना तब हुई जब बुजुर्ग रोज की तरह गायों को खेत से वापस लेने के लिए गए थे। मादा गुलदार मोहन राम को घसीट कर करीब एक किमी आगे गधेरे में ले गई थी।

जहां दूसरे दिन उनका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। डीएफओ महातिम सिंह यादव 30 नवंबर की सुबह मौके पर पहुंचे। उन्हें ग्रामीणों का गुस्सा झेलना पड़ा था। जनदबाव में डीएफओ ने मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक को हिंसक वन्यजीव को मानव के लिए खतरा बताते हुए उसके निस्तारण के लिए अनुमति मांगी।

बूढ़ी हो गई थी गुलदार

हिसंक मादा गुलदार करीब 12 साल की हो चुकी थी। उसके ऊपरी जबड़े का दाहिना दांत टूट चुका था। मुरादाबाद से पहुंचे शिकारी राजीव सोलोमन ने बताया कि बुजुर्ग को शिकार बनाने वाली मादा गुलदार है।

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बुढ़ापे की ओर बढ़ रही मादा अकेली घूम रही थी। जहां बुजुर्ग को मारा था उससे 50 मीटर की दूरी पर उसे ढेर किया गया। वनक्षेत्राधिकारी मनोज लोहनी ने कहा कि अब तक राज्य में घोषित 189 में से यह 102वीं नरभक्षी मार गिराई गई है।

ग्रामीण को मारने वाली गुलदार को शिकारी ने मार गिराया है। शव पोस्टमार्टम के लिए वन्यजीव चिकित्सालय लाया जा रहा है। उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

- महातिम सिंह यादव, डीएफओ

Edited By: Nirmala Bohra

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