उत्तराखंड के सरकारी स्कूल में अंग्रेजी की टीचर छुट्टी पर, अस्थायी शिक्षक तैनात कर हर छात्र से ले रहे 50 रुपये
जीआईसी नौगांव कफड़ा में अंग्रेजी शिक्षिका की 10 माह से अनुपस्थिति के कारण छात्रों से अस्थायी शिक्षक के लिए 50 ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, द्वाराहाट। जीआइसी नौगांव कफड़ा में अंग्रेजी विषय की शिक्षिका दस माह से अनुपस्थित चल रही हैं। बच्चों की पढ़ाई सुचारू रखने को वैकल्पिक व्यवस्था पर शिक्षक रखकर जैसे तैसे काम खींचा जा रहा है।
मगर शिक्षिका के लंबे समय से गैरहाजिर रहने और विद्यार्थियों से 50 रुपये अतिरिक्त शुल्क लेकर अस्थायी शिक्षक के मानदेय के जुगाड़ पर पंचायत प्रतिनिधि भड़क उठे हैं। उन्होंने मामले की जांच और शिक्षिका की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए जनांदोलन की चेतावनी दी है।
वर्ष 2019 में इंटर कालेज नौगांव कफड़ा में प्रभा गोस्वामी की नियुक्ति अंग्रेजी एलटी शिक्षक के रूप में हुई थी। आरोप है कि शिक्षिका 31 दिसंबर 2025 के बाद से लगातार अनुपस्थित चल रही हैं। इससे पूर्व भी वह जुलाई 2024 से अप्रैल 2025 तक लंबे चिकित्सीय अवकाश पर रही थीं। इससे छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई।
अस्थायी शिक्षक की व्यवस्था पर बनी थी सहमति
शिक्षिका के गैरहाजिर रहने पर अभिभावक संघ की बैठक में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने को अस्थायी शिक्षक की व्यवस्था पर सहमति बनी थी। हालांकि, अब इसे शिक्षा के अधिकार अधिनियम का खुला उल्लंघन करार दे पंचायत प्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है।
शनिवार को प्रधान बीना कबड्वाल, संगीता आर्या सती नौगांव, प्रकाश अधिकारी धन्यारी व हिमांशु जोशी उभ्याड़ी के साथ कई लोग ब्लाक मुख्यालय पहुंचे। प्रमुख डा. आरती किरौला की अगुआई में बीइओ कार्यालय के अधिकारियों के मार्फत डीएम को ज्ञापन भेजा।
सगोली और मटेला स्कूल की बदहाली पर भी गहराया गुस्सा
उधर सती नौगांव की जिपं सदस्य माया देवी ने भी शिक्षिका की अनुपस्थिति पर कड़ी आपत्ति की है। साथ ही आपदा में क्षतिग्रस्त जीआइसी असगोली के भवन पर मंडराते खतरे के प्रति आगाह किया है। वहीं प्राथमिक विद्यालय मटेला में शिक्षक न होने से सप्ताह में महज तीन दिन पढ़ाई होने पर रोष भी जताया है। उन्होंने भी डीएम को पत्र भेज कार्यवाही पर जोर दिया है।
‘शिक्षिका बीते 31 दिसंबर से सूचना देकर अवकाश पर हैं। उनकी जगह स्थानीय स्तर पर पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था व मानदेय के लिए दो या तीन भाई-बहनों में से केवल एक विद्यार्थी से 50 रुपये लेने का प्रस्ताव अभिभावक संघ ने खुद सर्वसम्मति से पारित किया था। इस प्रस्ताव की प्रति विद्यालय में सुरक्षित है। - दीपा जोशी, प्रधानाचार्य, इंटर कालेज नौगांव कफड़ा
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