शिक्षिका को ट्रांसफर में मिलेगा CISF में पति की तैनाती का लाभ, 10 मेरिट अंक अतिरिक्त; पंजाब-हरियाणा HC का फैसला
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा की एक शिक्षिका को शिक्षक तबादला नीति के तहत अंतरिम राहत दी है। ...और पढ़ें

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट फाइल फोटो
HighLights
हाई कोर्ट ने शिक्षिका को अंतरिम राहत प्रदान की।
CISF में पति की तैनाती पर 10 मेरिट अंक।
पात्रता पुष्टि के अधीन अस्थायी लाभ मिलेगा।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा में शिक्षक तबादला नीति के तहत विशेष मेरिट अंकों का लाभ नहीं मिलने पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुग्राम की एक शिक्षिका को अंतरिम राहत दी है।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ की पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि संबंधित अभिलेखों की जांच और पात्रता की पुष्टि के अधीन याचिकाकर्ता को अस्थायी रूप से 10 मेरिट अंक प्रदान किए जाएं।शिक्षिका गुरुग्राम स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में गणित की नियमित स्नातकोत्तर शिक्षिका हैं।
उनके पति केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तैनात हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया कि हरियाणा की शिक्षक तबादला नीति 2026 में सैन्य और अर्धसैनिक बलों में कार्यरत पति या पत्नी वाले शिक्षकों को 10 विशेष मेरिट अंक देने का प्रविधान है।
हालांकि, दस्तावेजों के सत्यापन के लिए 11 से 17 अगस्त 2026 तक उपलब्ध कराए गए प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआइएस) पोर्टल पर याचिकाकर्ता आवश्यक सेवा प्रमाणपत्र अपलोड नहीं कर सकीं।
याचिकाकर्ता ने बताई परिस्थितियां
इसके पीछे उनके पति की तत्काल परिचालन संबंधी तैनाती और ननद के अस्पताल में भर्ती होने की परिस्थितियां बताई गईं। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उनके पति की सीआइएसएफ में सेवा पहले से स्थापित तथ्य है और केवल निर्धारित अवधि में प्रमाणपत्र अपलोड नहीं कर पाने के कारण उन्हें नीति के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
अदालत को बताया कि शिक्षिका ने अपने दावे के समाधान के लिए नौ, 10, 21 और 24 सितंबर 2026 को संबंधित अधिकारियों को प्रतिवेदन दिए। इसके अलावा विद्यालय शिक्षा महानिदेशक के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से भी प्रतिवेदन जमा कराया गया इसके बावजूद उनके मेरिट अंक अद्यतन करने की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
10 मेरिट अंक प्रदान करे: हाई कोर्ट
हरियाणा सरकार की ओर से मामले में पूरा पक्ष रखने के लिए समय मांगा। इस पर हाई कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अभिलेखों की जांच और शिक्षक तबादला नीति 2026 के तहत पात्रता की पुष्टि करते हुए याचिकाकर्ता के दावे पर अंतरिम रूप से विचार करें और पात्र पाए जाने पर उन्हें 10 मेरिट अंक प्रदान करें।
