वेतन से बेजुबानों का पेट भर रहीं शामली की शिक्षिका नंदिनी चौधरी, बीमार होने पर इलाज का भी उठाती खर्च
शामली के काका नगर की शिक्षिका नंदिनी चौधरी पिछले तीन सालों से अपने वेतन से 50 से अधिक बेसहारा कुत्तों को रोजाना भोजन कराती हैं।

HighLights
शिक्षिका नंदिनी चौधरी तीन साल से कर रहीं बेजुबानों की सेवा।
रोजाना 50 से अधिक कुत्तों को भोजन व इलाज कराती हैं।
शामली के काका नगर में सुबह-शाम करती हैं यह कार्य।
आकाश शर्मा, शामली। बेजुबानों के प्रति संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल मुहल्ला काका नगर निवासी नंदिनी चौधरी ने पेश की है। वह निजी स्कूल में शिक्षिका हैं, और तीन वर्षों से अपने वेतन से बेसहारा जीवों की सेवा में जुटी हैं। वह रोजाना 50 से अधिक कुत्तों को अपने हाथों से भोजन कराती हैं।
शहर के मुहल्ला काका नगर निवासी नंदिनी चौधरी ने बताया कि उनको बचपन से ही कुत्तों की सेवा करने से खुशी मिलती है। नौकरी और व्यस्तताओं के बीच भी उन्होंने बेजुबान जानवरों की सेवा करने का जो नियम बनाया है, वह अपने आप में प्रेरणादायक है।
जैसे ही वह स्कूल से घर लौटती हैं, बिना विश्राम किए सीधे बेजुबानों की ओर निकल पड़ती हैं। वह सुबह और शाम दोनों समय नियमित रूप से इलाके के 50 से अधिक कुत्तों के लिए भोजन का प्रबंध करती हैं।
केवल खान-पान ही नहीं, बल्कि नंदिनी उनकी सेहत का भी पूरा ख्याल रखती हैं। यदि कोई कुत्ता अस्वस्थ या चोटिल नजर आता है, तो वह तुरंत उसके इलाज और दवा की व्यवस्था करती हैं।
भीषण गर्मी हो या कड़ाके की ठंड, उनका यह सेवा कार्य बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रहता है। बताया कि वह रोजाना एक हजार से 1500 रुपये कुत्तों के भोजन के लिए खर्च करती है। उन्हें बेजुबानों की सेवा करने से खुशी मिलती है।
