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अल्मोड़ा के द्वारहाट में स्थित द्रोणगिरि की पौराणिक गुफा का होगा वैज्ञानिक सर्वेक्षण, खुलेगा इतिहास का रहस्य

Published: Sun, 11 Oct 2026 06:16 PM (IST)

द्वाराहाट के द्रोणगिरि पहाड़ी की तलहटी में स्थित द्वापरकालीन प्राचीन गुफा के वैज्ञानिक सर्वेक्षण का आदेश दिया गया है। जिला ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। द्रोणगिरि पहाड़ी की तलहटी में स्थित द्वापरकालीन प्राचीन गुफा का ऐतिहासिक व सांस्कृतिक वैभव अब जल्द ही दुनिया के सामने आ सकता है। लंबे समय से उपेक्षित इस पौराणिक धरोहर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण और शोध की आवाज एक बार फिर बुलंद हुई है, जिस पर जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया है।

प्रशासन ने इस प्राचीन गुफा को पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शोध का विषय स्वीकार किया है। इसके साथ ही जिलाधिकारी कार्यालय ने क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी को निर्देश जारी कर गुफा का विस्तृत वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने और रिपोर्ट तैयार कर प्रेषित करने को कहा है।

द्वापरयुग से जुड़ा है पौराणिक इतिहास

ग्राम पंचायत विजयपुर द्रोणगिरि पर्वत की तलहटी में बसा हुआ है। यहां रहस्यमयी प्राचीन गुफा स्थित है। स्थानीय मान्यताओं और जनश्रुतियों के अनुसार, इस गुफा का संबंध द्वापरयुग से है। ग्रामीणों के साथ ही विभिन्न स्थानीय संगठन इस स्थल के पुरातात्विक सर्वेक्षण और संरक्षण की मांग लंबे समय से करते आ रहे थे। मगर अब तक इसे कोई ठोस आधार नहीं मिल पाया था।

प्रशासनिक पहल से जगी नई उम्मीद

हालिया भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता आशुतोष शाही ने इस ऐतिहासिक गुफा का दौरा कर जायजा लिया। इसके वैज्ञानिक सर्वेक्षण के लिए डीएम को पत्र भेजा। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम कार्यालय ने पुरातत्व विभाग को कार्यवाही के निर्देश दिए। प्रशासन के इस रुख के बाद क्षेत्रवासियों में अपनी पौराणिक व सांस्कृतिक विरासत को पहचान मिलने की नई उम्मीद जगी है।

पर्यटन व शोध के खुलेंगे नए द्वार

सर्वेक्षण में इस गुफा के द्वापरकालीन या प्राचीन होने के वैज्ञानिक प्रमाण मिलते हैं, तो न केवल द्वाराहाट क्षेत्र का ऐतिहासिक महत्व बढ़ेगा। बल्कि यह स्थल धार्मिक पर्यटन और पुरातात्विक शोध का एक नया केंद्र बनकर उभर सकता है।

'प्रशासन के निर्देशानुसार विजयपुर स्थित गुफा का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। उसी के बाद गुफा की ऐतिहासिकता और सांस्कृतिक महत्व के बारे में कुछ कहा जा सकेगा।

चंद्र सिंह चौहान, पुरातत्वविद एवं सलाहकार संस्कृति विभाग'

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