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वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी से नई द‍िल्‍ली की कमान नारी शक्ति के हाथ, श्रीनी श्रीवास्तव बनेंगी सहायक लोको पायलट

By Anoop AgrahariEdited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 31 Oct 2026 02:08 PM (GMT+05:30)

भारतीय रेलवे ने वाराणसी से नई दिल्ली तक चलने वाली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की कमान महिला सहायक लोको पायलट ...और पढ़ें

वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की कमान नारी शक्ति के हाथ, गाजीपुर की श्रीनी श्रीवास्तव बनेंगी सहायक लोको पायलट।

वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की कमान नारी शक्ति के हाथ, गाजीपुर की श्रीनी श्रीवास्तव बनेंगी सहायक लोको पायलट।

HighLights

  1. वंदे भारत स्लीपर की कमान महिला लोको पायलट को।

  2. श्रीनी श्रीवास्तव वाराणसी-नई दिल्ली मार्ग पर चलाएंगी ट्रेन।

  3. यह नारी शक्ति के सशक्तिकरण का ऐतिहासिक क्षण है।

जागरण संवाददाता, वाराणसी: देश की आधुनिक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के संचालन में भारतीय रेलवे ने नारी शक्ति को एक ऐतिहासिक और गौरवशाली जिम्मेदारी सौंपी है।

वाराणसी से नई दिल्ली तक चलने वाली इस हाई-स्पीड और देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर मंजिल तक ले जाने के लिए रेलवे प्रशासन ने महिला लोको पायलट पर भरोसा जताया है।

इस महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक जिम्मेदारी के लिए वाराणसी रेल मंडल में सहायक लोको पायलट के रूप में कार्यरत श्रीनी श्रीवास्तव का चयन किया गया है, जो पूर्वांचल और पूरे देश की महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गई हैं।

गाजीपुर ज‍िले की हैं श्रीनी श्रीवास्तव

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की रहने वाली श्रीनी श्रीवास्तव ने अपनी शुरुआती और उच्च शिक्षा गाजीपुर से ही पूरी की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर भारतीय रेलवे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की।

वर्ष 2017 में उनका चयन रेलवे में सहायक लोको पायलट (ALP) के पद पर हुआ। तब से लेकर अब तक वह अपनी कर्तव्यनिष्ठा, तकनीकी दक्षता और जिम्मेदारी के साथ वाराणसी रेल मंडल में अपनी सेवाएं दे रही हैं। रेलवे के कठिन और तकनीकी माने जाने वाले इस क्षेत्र में उनका सफर अन्य युवतियों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

नारी शक्ति को समर्पित ऐतिहासिक पल

रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर जैसी अत्याधुनिक ट्रेन के संचालन में महिला कर्मचारियों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी हैं।

श्रीनी श्रीवास्तव का चयन केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारतीय रेलवे में महिलाओं के बढ़ते प्रतिनिधित्व और उनके सशक्तीकरण का एक जीवंत उदाहरण है। जब वह वाराणसी से इस ट्रेन को नई दिल्ली के लिए रवाना करेंगी, तो यह क्षण पूरे वाराणसी और गाजीपुर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय होगा।

सुरक्षा और तकनीक से लैस होगी यह ऐतिहासिक यात्रा

वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन अपनी स्पीड, विश्वस्तरीय यात्री सुविधाओं और अत्याधुनिक सुरक्षा कवच प्रणालियों के लिए देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में इस ट्रेन की कमान एक कुशल महिला सहायक लोको पायलट के हाथ में होना यात्रियों के लिए भी विश्वास का प्रतीक है।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि श्रीनी की कार्यकुशलता और अनुभव इस महत्वाकांक्षी यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। पूर्वांचल की माटी से जुड़ी श्रीनी श्रीवास्तव की यह सफलता साबित करती है कि लगन और मेहनत से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

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