जब दैनिक जागरण के रिपोर्टर बन गए थे नाना पाटेकर! काशी में 'JFF' में आए एक्टर से जुड़ा दिलचस्प किस्सा
नाना पाटेकर ने वाराणसी में आयोजित जागरण फिल्म फेस्टिवल में पत्रकार की भूमिका निभाई। उन्होंने दर्शकों से बातचीत की, सेना ...और पढ़ें

वाराणसी में जागरण फिल्म फेस्टिवल के दौरान नाना पाटेकर ने जागरण के पत्रकार की भूमिका भी निभाई थी।
HighLights
नाना पाटेकर ने जागरण फिल्म फेस्टिवल में पत्रकार की भूमिका निभाई।
दर्शकों और सेना के जवानों से उन्होंने खुलकर बातचीत की।
दैनिक जागरण की पत्रकारिता प्रक्रिया में गहरी रुचि दिखाई।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। दैनिक जागरण अपनी विश्वसनीयता और अपनी प्रतिष्ठा आम पाठकों के दिलों में लंबे समय से न सिर्फ बनाए हुए है बल्कि पाठकों और दर्शकों के बीच सबसे बड़े भरोसे का ब्रांड भी है। जागरण की इसी छवि का ही असर था कि नाना पाटेकर जब वाराणसी में आए तो वह दैनिक जागरण का पत्रकार बनने की इच्छा जताते हुए पत्रकारिता के मोड में आए और बतौर पत्रकार छा गए उस काशी में जो साहित्य संस्कृति की नगरी भी है।
दरअसल वाराणसी में वर्ष 2024 में 13 से 15 दिसंबर के बीच जागरण फिल्म फेस्टिवल का आयोजन जेएसवी सिनेमा हाल में किया गया था। इस आयोजन में जागरण के वह बतौर मेहमान अभिनेत्री सिमरत कौर और अभिनेता उत्कर्ष शर्मा के साथ आमंत्रित थे। आयोजन के दौरान सिनेमा हाल पूरी तरह खचाखच भरा था तो नाना पाटेकर के 14 दिसंबर को मंच पर आते ही उनके आभामंडल से दर्शक भी अभिभूत नजर आए। अपने बीच नाना को पाकर सभी प्रफुल्लित नजर आए।

मंच पर सिनेमाई दुनिया की बातचीत के सत्र में उन्होंने सिनेमा की दुनिया और सरोकार के साथ युवाओं के जुड़ाव के साथ बातचीत के सत्र में दोपहर में मंच पर न सिर्फ अपने अनुभव साझा किए बल्कि दैनिक जागरण के मंच का संचालन भी बतौर पत्रकार करते हुए दर्शकों से बातचीत भी किया। एक पत्रकार के मन में क्या सवाल होते हैं और पत्रकारिता के दौरान कैसे दर्शकों से सवाल हो सकते हैं वह सभी भाव उनकी बातचीत का वह हिस्सा बन गए जो काशी के लोगों के मन में लंबे समय तक प्रतिष्ठित हो गया।

नाना पाटेकर को सेना से भी काफी लगाव रहा है, एक सैनिक की उनकी भूमिका भी फिल्म में उनकी छवि को शानदार तरीके से लंबे समय से प्रस्तुत करती रही है। जब वह काशी आए तो जागरण के आयोजन में आर्मी के आमंत्रित सैनिकों से अलग से मिले और उनसे लंबी बातचीत की। इस दौरन आयोजन में सैम बहादुर फिल्म का प्रदर्शन किया गया था।

नाना पाटेकर मंच से जब फुर्सत पाए तो पास ही रखा दैनिक जागरण पत्र उठा लिए और पढ़ने लगे, समाचारीय दुनिया से भी काफी अवगत हुए और संपादकीय मंडल के साथ पत्रकारों के साथ ही बातचीत कर अखबार निकलने की प्रक्रिया भी पूछी।
मंच पर वार्ता के सत्र में दर्शकों से सवाल लेने की बारी आई तो नाना पाटेकर ने मंच से माइक उठाया और दर्शकों से सवाल खुद ही बतौर पत्रकार लेना शुरू कर दिया। एक पत्रकार बनने की उनकी चाह काशी में ही पूरी हुई थी और मौका बना था दैनिक जागरण फिल्म फेस्टिवल का आयोजन।

दर्शकों ने जब नाना पाटेकर को अपने बीच बतौर पत्रकार पाया तो वह अपने चहेते कलाकार को देख शोर शराबे के भाव में जब आए तो नाना पाटेकर ने भी हाथ उठाकर शोर को खामोश करते हुए पत्रकार के तौर पर दर्शकों के सवाल लेने का क्रम जारी रखा।
दर्शकों से सवाल लेते समय वह अपने प्रशंसकों से भी हाथ मिलाते रहे और किसी ने उनका अभिवादन किया तो सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद के भावों से भी भरे रहे।

पत्रकार की भूमिका के साथ कलाकार के भावों को भी उन्होंने बरकरार रखा और अपने प्रशंसकों से हाथ मिलाकर उनसे विदा लेना भी नहीं भूले।

जागरण फिल्म फेस्टिवल के दौरान 14 दिसंबर 2024 को नाना पाटेकर ने मंच पर 'वनवास' फिल्म के किरदार उत्कर्ष शर्मा और अभिनेत्री सिमरत कौर के साथ वार्ता में प्रतिभाग किया था। यह आयोजन काशी के मन मष्तिष्क पर मानो लंबे समय तक अंकित हो गया।
