विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

वाराणसी के आसमान में अब गूंजेगी गंडोला की रफ्तार, 15 नवंबर तक रोपवे होगा तैयार

Published: Sat, 03 Oct 2026 07:58 AM (IST)

काशी में कैंट से गोदौलिया तक बन रहा रोपवे अपने अंतिम चरण में है, जिसका 95% काम पूरा हो चुका ...और पढ़ें

95 प्रतिशत काम पूरा, सेक्शन-एक पूर्ण, सेक्शन-दो में गोदौलिया का काम तेज। सांकेतिक तस्वीर

95 प्रतिशत काम पूरा, सेक्शन-एक पूर्ण, सेक्शन-दो में गोदौलिया का काम तेज। सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. रोपवे का 95% काम पूरा, 15 नवंबर तक लक्ष्य।

  2. कैंट से गोदौलिया 15-16 मिनट में, 3.85 किमी दूरी।

  3. काशी की कलाकृतियां छतों पर, आसमान से दर्शन।

अरुण कुमार मिश्र, वाराणसी। काशी को अब सड़क से ही नहीं, आसमान से भी निहारा जा सकेगा। कैंट से गोदौलिया के बीच बन रहा रोपवे अब निर्माण के अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। करीब 817 करोड़ रुपये की परियोजना का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और 15 नवंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद गंडोला कैंट से गोदौलिया और गोदौलिया से कैंट के बीच काशी के आसमान में चक्कर लगाएंगे।

सफर के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को नीचे गंगा की धारा, घाटों की कतार, मंदिरों के शिखर और काशी की जीवंत संस्कृति व आध्यात्मिक पहचान का विहंगम दृश्य दिखाई देगा। सड़क पर 30-45 मिनट लगने वाला सफर रोपवे से करीब 15-16 मिनट में पूरा होगा। पांच स्टेशनों वाली परियोजना में सेक्शन-एक का काम पूरा हो चुका है, जबकि सेक्शन-दो अंतिम चरण में है। 
आसमान से दिखेगी काशी की कला 
काशी अब जमीन के साथ आसमान से भी अपनी सांस्कृतिक पहचान दिखाएगी। काशी टेरेस आर्टवर्क प्रोजेक्ट के तहत करीब 1.2 लाख वर्गफुट क्षेत्र को विशाल कैनवास में बदलने की तैयारी है। रोपवे से दिखने वाली इमारतों की छतों और बाहरी दीवारों पर गंगा, घाट, पारंपरिक नावें, डाल्फिन और स्थानीय जैव विविधता आधारित कलाकृतियां बनाई जाएंगी।

आठ इमारतों की छतों समेत नरिया तिराहा, काशी विद्यापीठ और संपूर्णानंद की सीमा दीवारें भी शामिल हैं। डिजाइन हवाई दृश्य को ध्यान में रखकर तैयार होगा। परियोजना पर 88.82 लाख रुपये खर्च का प्रस्ताव है। सतहों की सफाई, प्राइमर और टिकाऊ रंगों से कलाकृतियां तैयार की जाएंगी। नगर निगम ने शहर की सुंदरता कायम रखने के सुझावों के बाद कदम उठाया है।

रोपवे परियोजना : एक नजर में

  • 817 करोड़ - परियोजना लागत
  • 3.85 किमी - रोपवे की कुल लंबाई
  • 3.75 किमी - मार्ग की लंबाई
  • मई 2023 - रोपवे का शिलान्यास
  • 5 स्टेशन - कैंट, विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया
  • 29 टावर - 28 टावर व एक स्टेशन टावर
  • 148 - गोंडोला केबिन
  • 10 यात्री - प्रत्येक केबिन की क्षमता
  • 46.71 मीटर - अधिकतम टावर ऊंचाई
  • 15-16 मिनट - रोपवे से यात्रा समय
  • 30-45 मिनट - सड़क मार्ग से औसत समय


कैंट से गोदौलिया - काशी का नया ट्रांजिट कारिडोर

image - 2026-10-03T075513.196

जेब पर भी हल्का सफर

  • न्यूनतम किराया : 10
  • अधिकतम किराया : 50
  • स्मार्ट पास पर छूट : 20 प्रतिशत
  • 10 रुपये से 50 रुपये तक किराया - अलग-अलग दूरी के अनुसार प्रस्तावित किराया।

एक घंटे में 2,000 यात्री
रोपवे की प्रस्तावित क्षमता करीब 2,000 यात्रियों प्रति घंटा बताई गई है। प्रत्येक गोंडोला में अधिकतम 10 यात्री सफर कर सकेंगे। कुल 148 केबिन लगाए जाएंगे।

स्मार्ट यातायात की नई इबारत
रोपवे में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, फायर सेफ्टी, इमरजेंसी संचार प्रणाली और अन्य सुरक्षा उपकरण शामिल किए जा रहे हैं। परियोजना का उद्देश्य काशी के बढ़ते यातायात दबाव के बीच सार्वजनिक परिवहन का आधुनिक विकल्प उपलब्ध कराना है।

यह भी पढ़ें- कैप्टन स्मित को मिले सर्वोच्च वीरता सम्मान, वाराणसी पहुंचे स्वामी मोहन भारती ने PM मोदी से की मांग


परियोजना की कमान
रियायतकर्ता: मेसर्स विश्वसमुद्र वाराणसी रोपवे प्राइवेट लिमिटेड
तकनीकी सलाहकार : योनेक्स-केबल डिटेल्स गोंडोला (एमडीजी)
विकास माडल : हाईब्रिड एन्युटी माडल (एचएएम)।

यह भी पढ़ें- वाराणसी से आख‍िरकार गाजीपुर जा पहुंचा 308 चक्‍कों वाला महाट्रक, कैथी टोल प्‍लाजा पार कर सीमा में हुआ दाख‍िल