कैप्टन स्मित को मिले सर्वोच्च वीरता सम्मान, वाराणसी पहुंचे स्वामी मोहन भारती ने PM मोदी से की मांग
जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी मोहन भारती ने दुबई-तेल अवीव फ्लाइट में चाकूबाजी की घटना पर रोष व्यक्त किया। ...और पढ़ें

बाएं से भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार व श्रीमहंत स्वामी मोहन भारती। जागरण
HighLights
स्वामी मोहन भारती ने कैप्टन स्मित मछार को वीरता सम्मान देने की मांग की।
पायलट ने घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
घटना की निष्पक्ष जांच और विमानन सुरक्षा समीक्षा की अपील की।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं काशी के श्रीमहंत स्वामी मोहन भारती शुक्रवार को काशी पहुंचे। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हुई चाकूबाजी की घटना पर तीखा रोष जताया।
कहा कि भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को उनकी बहादुरी के लिए देश के सर्वोच्च वीरता सम्मान दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस पर विचार करने का आग्रह किया।
स्वामी मोहन भारती ने कहा कि उड़ते विमान के काकपिट में पायलट पर हमला अत्यंत गंभीर घटना है। सह-पायलट के चाकू से हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार ने धैर्य और सूझबूझ से स्थिति संभाली। उन्होंने काकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों और क्रू को हमलावर को काबू करने में मदद मिली।
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उन्होंने कहा कि संकट में स्वयं घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना साहस और कर्तव्यबोध का उदाहरण है। स्वामी ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही विमानन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा का आग्रह करते हुए घायल पायलट के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
