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2000 करोड़ के कफ सीरप तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई, सरगना शुभम का करीबी वाराणसी से गिरफ्तार

Published: Mon, 05 Oct 2026 05:24 AM (IST)

2000 करोड़ रुपये के कफ सीरप तस्करी मामले में रोहनिया पुलिस ने वाराणसी से विकास सिंह को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. रोहनिया पुलिस ने वाराणसी से विकास सिंह को गिरफ्तार किया।

  2. विकास सिंह ने शुभम को ड्रग लाइसेंस हेतु अनुभव प्रमाणपत्र दिया।

  3. इसी प्रमाणपत्र के आधार पर शुभम ने फेंसाडिल की तस्करी की।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। दो हजार करोड़ रुपये के कफ सीरप प्रकरण में कायस्थ टोला प्रह्लादघाट निवासी सरगना शुभम जायसवाल को झारंखड प्रांत के रांची में ड्रग लाइसेंस लेने के लिए अनुभव प्रमाणपत्र देने वाले विकास सिंह (मूल निवासी कायस्थ टोला) को रोहनिया पुलिस ने रविवार को प्रह्लादघाट से गिरफ्तार कर लिया।

बिजली उपकरणों की मामूली दुकान चलाने वाले विकास सिंह ने दो माह के लिए रांची में थ्री बीएचके का फ्लैट लेकर भोला प्रसाद (शुभम के पिता) के सहयोग से ड्रग लाइसेंस प्राप्त कर शांभवी फार्मा नाम से दवा की एजेंसी खोली और कफ सीरप तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल को ड्रग लाइसेंस के लिए दो वर्ष का अनुभव प्रमाणपत्र दे दिया।

रोहनिया पुलिस अपने यहां बरामद 500 पेटी कफ सीरप की बरामदगी मामले की जांच करते रांची पहुंची तो वहां के ड्रग विभाग से संपर्क करने पर विकास की करतूत सामने आई, जिसके बाद उसे पुलिस ने केस में आरोपित बनाकर गिरफ्तारी की है। पुलिस सूत्रों के अनुसार विकास सिंह का बेटा वरुण सिंह भी कफ सीरप तस्करी में आरोपित है।

वरुण के भी शुभम के साथ दुबई भागने की चर्चा है, जिस कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस ने कफ सीरप प्रकरण की जांच में विकास सिंह की पत्नी और शराब अनुज्ञापी को जांच के दौरान गिरफ्तार किया था। वरुण सिंह के बैंक खाते में रुपये के लेनदेन की बात जांच में पता चली थी।

वहीं, वरुण के पिता विकास सिंह से मिले अनुभव प्रमाणपत्र के आधार पर शुभम जायसवाल ने रांची की शैली ट्रेडर्स का कंपीटेंट पर्सन बनकर अन्य आरोपितों के साथ भारी मात्रा में फेंसाडिल की तस्करी की थी।

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