वाराणसी में खतरा बिंदु के काफी करीब तक पहुंचकर गंगा के जलस्तर में शुरू हुआ मामूली घटाव, नौका संचालन अब भी बंद
वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बाद अब मामूली रूप से घट रहा है, ...और पढ़ें
HighLights
वाराणसी में गंगा का जलस्तर मामूली रूप से घटा।
नौका संचालन अभी भी पूरी तरह से बंद है।
एनडीआरएफ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा का रुख वाराणसी सहित भदोही, मीरजापुर, चंदाैली, गाजीपुर, बलिया में तल्ख बना हुआ है। जबकि वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरा बिंंदु के काफी करीब पहुंचने के बाद अब मामूली रूप से घट भी रहा है। लेकिन नदी का जलस्तर अभी भी चेतावनी बिंंदु के ऊपर बना हुआ है। जबकि बलिया और गाजीपुर में गंगा का जलस्तर खतरा बिंंदु के ऊपर अभी भी बरकरार है। वहीं गंगा में बाढ़ की वजह से नौका संचालन अब भी ठप है।
वाराणसी में गंगा का जलस्तर रात तक उफान पर था और आधी रात के बाद गंगा के जलस्तर में घटाव शुरू हो गया। हालांकि यह महज एक सेंटी मीटर ही फिलहाल है। जबकि मौसम विभाग की ओर से आगे भी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं एक दिन पूर्व पीएम नरेन्द्र मोदी भी फाेन करके अपनी काशी का हाल चाल ले चुके हैं। इसके साथ ही बाढ़ का पलट प्रवाह वरुणा में होने से वहां के तमाम लोग अब बाढ़ राहत शिविरों का रुख करने लगे हैं।
केंद्रीय जल आयोग की ओर से सुबह आठ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार चौबीस घंटों में बारिश दर्ज नहीं की गई है। जबकि राजघाट पर गंगा का चेतावनी बिंंदु 70.262 m. है जिसे कई दिन पूर्व ही गंगा पार कर चुकी हैं। वहीं अब तक का सर्वाधिक जलस्तर 73.901 m. है। वहीं खतरा बिंदु 71.262 m. के सापेक्ष गंगा का जलस्तर सुबह आठ बजे 70.66m. पर दर्ज किया गया। वहीं एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा गंगा में जलस्तर का घटाव हो रहा है।
एनडीआरएफ ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
गंगा एवं वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में गुरुवार की शाम को तैयारियों का जायजा लिया। कमांडिंग ऑफिसर अनूप सिंह बिष्ट के नेतृत्व में टीम ने तटीय इलाकों का निरीक्षण कर संवेदनशील स्थलों का आकलन किया। एनडीआरएफ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और काशी-वरुणा जोन के डीसीपी के साथ समन्वय बैठक की गई। वर्तमान में गंगा का जलस्तर 70.61 मीटर दर्ज है, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है, एनडीआरएफ की टीमें जल गश्त कर निगरानी कर रही हैं और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित बचाव और राहत कार्य के लिए पूरी तरह सतर्क है।
