2000 करोड़ के कफ सीरप तस्करी मामले का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल भगोड़ा घोषित, संपत्ति कुर्क करने की तैयारी
वाराणसी में 2000 करोड़ के कफ सीरप तस्करी मामले में सरगना शुभम जायसवाल को भगोड़ा घोषित किया गया है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस उसकी संपत्ति कुर्क करेगी।

कफ सीरप तस्करी का सरगना शुभम जायसवाल भगोड़ा घोषित

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जागरण संवाददाता, वाराणसी। दो हजार करोड़ के कफ सीरप तस्करी मामले में सरगना शुभम जायसवाल को अपर सत्र न्यायाधीश/द्रुतगामी (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार ने भगोड़ा घोषित कर दिया है।
इस आदेश के बाद भी शुभम हाथ न आया तो कोर्ट से इजाजत लेकर पुलिस शुभम की संपत्ति कुर्क करेगी। इसके आगे की रणनीति मुकदमे में चार्जशीट लगाकर कफ सीरप तस्करों को कोर्ट से सजा दिलाने की होगी। वहीं, पुलिस कमिश्नरेट प्रशासन दुबई में छिपे सरगना का प्रत्यर्पण कराने के लिए रेड कॉर्नर नोटिस पहले से जारी कर जोर आजमाइश कर रहा है।
15 नवंबर 2025 को औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने वाराणसी के प्रह्लादघाट अंतर्गत मोहल्ला कायस्थान निवासी शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद समेत 28 लोगों के खिलाफ कफ सीरप के गैर चिकित्सकीय उपयोग के लिए एनडीपीएस समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचना के दौरान नाम प्रकाश में आने पर पुलिस एक-एक आरोपित को सलाखों के पीछे पहुंचाती रही, जबकि दुबई में छिपे शुभम जायसवाल कानून का शिकंजा कसती रही। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट, कुर्की पूर्व की उद्घोषणा, अदालत के आदेश उपस्थित न होकर अवहेलना करने का केस, उसमें चार्जशीट लगाने के बाद शनिवार को कोर्ट से उसे भगोड़ा घोषित कराने में सफल हो गई।
एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि शुभम के पांच नवंबर को दुबई भागने की ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (भारत सरकार के अधीन प्रमुख एजेंसी) की रिपोर्ट यह दर्शाने को पर्याप्त रही कि उसे भगोड़ा घोषित किया जाना उचित होगा, जिसका कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए आदेश जारी किया। पुलिस ने कोर्ट के आदेश के क्रम में उद्घोषणा पत्र शुभम के निवास स्थल व कोर्ट के सहजदृश्य स्थान पर चस्पा किया है।
जानिए कब क्या हुआ?
- 15 नवंबर 2025 को कोतवाली में केस दर्ज हुआ।
- 13 दिसंबर को गिरफ्तारी पूर्व का नोटिस जारी किया।
- 27 फरवरी को कुर्की पूर्व का उद्घोषणा नोटिस जारी हुआ।
- 28 फरवरी को नोटिस सहजदृश्य स्थान पर नोटिस पुलिस ने चस्पा किया।
- 01 मार्च को विभिन्न अखबारों में इश्तेहार प्रकाशित कराए गए।
- 03 मार्च को गैर जमानती वारंट जारी हुआ।
- 30 मार्च को अदालत ने कोर्ट में उपस्थित होने का अंतिम अवसर मिला।
- 01 अप्रैल को कोतवाली पुलिस ने अदालत में पेश न होने का केस दर्ज किया।
- 02 अप्रैल को कोतवाली पुलिस ने केस में चार्जशीट लगाई।
- 04 अप्रैल को पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया।
कफ सीरप के तीन तस्करों की जब्त होगी 22.48 करोड़ की संपत्ति
कफ सीरप तस्करी में शामिल तरुणमित्र रोड वाजिदपुर जौनपुर निवासी विकास सिंह, एसबीआई कॉलोनी खजुरी रोड निवासी प्रतीक गुजराती व शंकरपुर कालोनी विरदोपुर भेलूपुर निवासी प्रशांत उपाध्याय की 22.48 करोड़ की संपत्ति पुलिस जब्त करेगी।
कोर्ट ने इस आशय का नोटिस शनिवार को जारी किया। पुलिस के अनुसार विकास सिंह की 10.19 लाख की अचल संपत्ति, 25 लाख की फार्च्यूनर गाड़ी, चार लाख की कार व बैंक खाते में पड़े 27,338 रुपये जब्तीकरण के लिए चिह्नित किए गए हैं।
इसी तरह प्रतीक की एक करोड़ 38 लाख 70 हजार की अचल संपत्ति, बैंक में पड़े 50,625 रुपये तथा प्रशांत उपाध्याय की 20 करोड़ चार लाख 53 हजार रुपये की अचल संपत्ति व बैंक में पड़े 44 लाख 20 हजार 452 रुपये जब्त होंगे। एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश के क्रम में नोटिस जारी किया है, जल्द की जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
