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वाराणसी एयर शो में दिखेगा भारतीय वायु सेना का शौर्य, आकाश में गरजेंगे राफेल-सुखाई और तेजस

Published: Sat, 17 Oct 2026 09:07 PM (IST)

वायु सेना 25 अक्टूबर को नमो घाट, वाराणसी में 'विंग्स ओवर गंगा' थीम पर एरियल डिस्प्ले आयोजित करेगी, जिसमें राफेल, सुखोई और तेजस जैसे विमान कौशल दिखाएंगे।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. नमो घाट पर 25 अक्टूबर को वायुसेना का एरियल डिस्प्ले।

  2. राफेल, सुखोई, तेजस जैसे विमानों का हैरतअंगेज प्रदर्शन होगा।

  3. दर्शकों की सुरक्षा हेतु 200 मीटर पांटून पुल और निगरानी।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा की लहरों के ऊपर लड़ाकू विमानों की गर्जना, आसमान में सटीक उड़ान और हेलीकाप्टरों के हैरतअंगेज करतब। भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 25 अक्टूबर को नमो घाट पर 'वायु सेना दिवस एरियल डिस्प्ले-2026' आयोजित होगा। इसकी थीम 'विंग्स ओवर गंगा' रखी गई है।

गंगा तट पर होने वाला यह आयोजन भारतीय वायु सेना के आधुनिक विमानन क्षमता को प्रदर्शित करने के साथ युवाओं को वायु सेना से जुड़ने के लिए भी प्रेरित करेगा। सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकाप्टर डिस्प्ले टीम अपने करतब दिखाएंगी। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और एलसीएच प्रचंड सहित कई विमानों के प्रदर्शन की तैयारी है। भारतीय नौसेना और थलसेना के विमान भी इसमें हिस्सा लेंगे।

लड़ाकू विमानों के साथ दिखेगा एरोबैटिक कौशल

एयर शो में लड़ाकू विमानों के साथ परिवहन और अन्य श्रेणियों के विमान भी शामिल होंगे। इनमें राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस, प्रचंड, आइएल-76, आइएल-78, सी-295 और एएन-32 प्रमुख हैं। सूर्य किरण की एरोबैटिक टीम विमानों के सटीक तालमेल और समूह उड़ान का प्रदर्शन करेगी, जबकि सारंग टीम हेलीकाप्टरों के जरिए अपने उड़ान कौशल का परिचय देगी। भारतीय नौसेना और थलसेना के विमानों की भागीदारी से संयुक्त संचालन क्षमता भी प्रदर्शित होगी।

200 मीटर का पांटून पुल बनेगा आपातकालीन रास्ता

एयर शो के दौरान आपात स्थिति में आवागमन सुगम बनाने के लिए गंगा में करीब 200 मीटर लंबा पांटून पुल बनाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग मिर्जापुर से पांटून मंगाकर आदिकेशव क्षेत्र से नमो घाट तक वैकल्पिक मार्ग तैयार कर रहा है।

विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता केके सिंह के अनुसार, पुल का निर्माण अंतिम दौर में है और इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। यह रास्ता आपात स्थिति में उपयोगी होगा। इसके साथ ही गंगा किनारे उबड़-खाबड़ जमीन को समतल किया जा रहा है, ताकि दर्शकों की आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

मानेकशा और विवेकानंद से होगी गंगा की निगरानी

गंगा में सुरक्षा और आयोजन के संचालन के लिए पर्यटन विभाग की अलकनंदा क्रूजलाइन के दो जलयान मानेकशा और विवेकानंद तैनात किए जाएंगे। इन पर निगरानी केंद्र बनाए जाने की तैयारी है। एयरफोर्स के अधिकारी भी इन जलयानों पर मौजूद रहेंगे। योजना के अनुसार, पैरा ट्रूपर कमांडो रस्सी के सहारे जलयानों पर उतरने का प्रदर्शन करेंगे।

इसके लिए 12 अक्टूबर को अभ्यास किया गया था। अलकनंदा क्रूजलाइन के संचालक विकास मालवीय के अनुसार, एयर शो के तीनों दिन दोनों जलयान गंगा में तैनात रहेंगे। इनसे जलीय गतिविधियों पर नजर रखने के साथ आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था में भी मदद मिलेगी।

राजघाट से दशाश्वमेध तक जागरण में बैरिकेडिंग, 25 वॉच टावरों से होगी निगरानी

एयर शो के दौरान गंगा किनारे भीड़ को नियंत्रित करने के लिए राजघाट से दशाश्वमेध घाट तक बैरिकेडिंग की जा रही है। बैरिकेड के आगे लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी और सुरक्षा कर्मी तैनात होंगे। आयोजन स्थल के आसपास 25 से अधिक पुलिस चेक पोस्ट और स्वास्थ्य शिविर बनाने की तैयारी है।

25 से ज्यादा जगहों पर पीए सिस्टम (सार्वजनिक घोषणा) लगाया जा रहा है। इसके जरिए कंट्रोल रूम से आवश्यक निर्देश प्रसारित किए जाएंगे। दर्शकों की सुरक्षा के लिए गंगा किनारे करीब 25 वाच टावर तैयार किए जा रहे हैं। इनके जरिए सुरक्षा एजेंसियां भीड़ और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखेंगी।

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