राफेल, सुखोई और तेजस ने दिखाया अपना शौर्य, वायुसेना का पराक्रम और देश का गौरव हैं ये लड़ाकू विमान
काशी में 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो ने जनसैलाब को रोमांचित कर दिया, जहां भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए।
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HighLights
गंगा तट पर 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो का आयोजन।
राफेल, तेजस सहित कई लड़ाकू विमानों ने करतब दिखाए।
हजारों लोगों ने वायुसेना के शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन देखा।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा के दोनों तटों पर जनसैलाब, घाटों पर ठसमठस भीड़ और आसमान में उड़ते विमानों को निहारती हजारों आंखें। ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने काशी को रोमांच और उत्साह से भर दिया। एयर शो के पहले दिन घाटों की सीढ़ियों से लेकर छतों और नावों तक लोग विमानों की कलाबाजियां देखने के लिए जुटे रहे।
भारतीय वायुसेना का भव्य एयर शो में काशी के घाट से लेकर घरों की छतों पर जमा लोग आसमान में लड़ाकू विमानों की गर्जना और हैरतअंगेज करतबों का वीडियो, फोटो मोबाइल में कैद करते रहे। पहली बार ऐसा नजारा देख लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। वायुसेना के पराक्रम और देश के गौरव के प्रतीक चिह्न बने इन लड़ाकू विमानों की अपनी खासियतें भी हैं।
इन लड़ाकू विमान ने दिखाया अपना शौर्य
राफेल
राफेल फ्रांस में बना दो इंजन वाला बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है। इसकी अधिकतम गति लगभग 2,130 किमी प्रति घंटा है। इसमें आधुनिक रडार और दुश्मन के रडार से बचाव की प्रणाली है। यह दुश्मन के विमानों को रोकने, जमीन पर हमला करने और टोही जैसे मिशन में काम आता है।

तेजस
तेजस भारत में बना हल्का लड़ाकू विमान है। इसे हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड ने विकसित किया है। इसमें एक इंजन लगा है और इसकी अधिकतम गति लगभग 2,220 किमी प्रति घंटा है। भारतीय वायुसेना में इसे 2015 में शामिल हुआ और 2016 से आपरेशनल किया गया था। यह दुश्मन के विमानों से मुकाबला करने और जमीन पर मौजूद लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है।

मिराज-2000 (वज्र)
मिराज-2000 फ्रांस में बना एक इंजन वाला लड़ाकू विमान है। भारतीय वायुसेना में इसे वज्र नाम से जाना जाता है। इसकी अधिकतम गति लगभग 2,300 किमी प्रति घंटा है। 1999 के कारगिल युद्ध और 2019 के बालाकोट 'आपरेशन बंदर' में इस विमान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसका इस्तेमाल दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करने और हवाई सुरक्षा के लिए किया जाता है।

सुखोई-30 एमकेआई
सुखोई-30 एमकेआई दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जिसे रूस के सहयोग से भारत के लिए विकसित किया गया है। इसमें दो पायलट बैठ सकते हैं। इसकी अधिकतम गति लगभग 2,100 किमी प्रति घंटा है। यह लंबी दूरी तक उड़ान भर सकता है और हवा में ईंधन भी भर सकता है। इसका इस्तेमाल हवाई सुरक्षा और दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने के लिए किया जाता है।

जगुआर (शमशेर)
जगुआर ब्रिटेन और फ्रांस के सहयोग से बना दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है। भारतीय वायुसेना में इसे शमशेर कहा जाता है। इसे मुख्य रूप से जमीन पर दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने के लिए बनाया गया है। इसकी अधिकतम गति लगभग 1,600 किमी प्रति घंटा है। यह कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर हमला कर सकता है। इसका इस्तेमाल बम गिराने और दुश्मन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है।

