PM सूर्य घर योजना: अब हाइब्रिड सोलर सिस्टम पर भी मिलेगी सब्सिडी, सरकार ने बदला नियम
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब हाइब्रिड सोलर संयंत्रों पर भी सब्सिडी मिलेगी, जिसे पहले लग्जरी आइटम मानकर छूट नहीं दी जाती थी।

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HighLights
हाइब्रिड सोलर संयंत्रों पर अब पीएम सूर्य घर सब्सिडी मिलेगी।
पहले इन्हें लग्जरी मानकर सब्सिडी नहीं दी जाती थी।
शाम को ग्रिड पर लोड कम करने में सहायक होंगे।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तीन किलोवाट तक सोलर संयंत्र स्थापित करने में लगभग दो लाख रुपये का खर्च आता है। इसमें केंद्र व राज्य की कुल 108000 रुपये सब्सिडी मिल जाती है।
यह सब्सिडी हाइब्रिड सोलर संयंत्र लगाने वालों को नहीं मिलती थी। अब ऐसा नहीं होगा और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में हाइब्रिड सोलर संयंत्र लगवाने पर भी सब्सिडी मिलेगी।
नेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी एसके गुप्ता ने बताया कि हाइब्रिड सोलर संयंत्र में विशेष प्रकार का इन्वर्टर और बैटरी के साथ होने की वजह से महंगा है। उसको लग्जरी आइटम माना जाता था और सब्सिडी नहीं मिलती थी। सोलर संयंत्र से दिन में भारी मात्रा में बिजली उत्पादन हो रहा है।
इस कारण बिजली विभाग ग्रिड से कम बिजली की मांग करता है। शाम होते ही अचानक मांग बढ़ जाती है। इससे ग्रिड पर लोड पड़ता है। हाईब्रिड इन्वर्टर बैटरी से जुड़ा होने के कारण शाम को जब सोलर बिजली उत्पादन बंद हो जाता है तो इसकी बैटरी घर को बिजली आपूर्ति करने लगती है।
हाइब्रिड इन्वर्टर जब अधिक से अधिक लगेंगे तो शाम को अचानक ग्रिड पर लोड नहीं पड़ेगा। हाइब्रिड इन्वर्टर के इसी फायदे को देखते हुए सरकार ने इसे प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी देने का निर्णय लिया है।
क्या है हाइब्रिड इन्वर्टर की खासियत
सामान्य सोलर इन्वर्टर दिन में बिजली पैदाकर ग्रिड को भेजता है। घर के संयंत्र ग्रिड से आने वाली बिजली से चलते हैं। बिजली नहीं होने पर सोलर उत्पादन का कोई फायदा नहीं होता है।
हाइब्रिड इन्वर्टर बैटरी के साथ होने से बिजली होने पर भी दिन में घर के सभी उपकरण सोलर ऊर्जा से सीधे चलाता है। शाम को भी बैटरी से चलते हैं। बैटरी खत्म होने पर वह आटोमैटिक ग्रिड से जोड़कर बिजली देने लगता है।
