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भव्य होगा Magh Mela 2027, संगम तट पर 12 ज्योतिर्लिंग के होंगे दर्शन; पहली बार चलेगी टॉय ट्रेन

Published: Sun, 04 Oct 2026 08:55 AM (IST)Updated: Sun, 04 Oct 2026 08:58 AM (IST)

प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेला 2027 में इस बार 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां स्थापित की जाएंगी और पहली बार टॉय ट्रेन भी चलेगी।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. माघ मेला 2027 में स्थापित होंगी 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां।

  2. मेले में पहली बार चलेगी टॉय ट्रेन और ग्रेविटी राइड भी होगी।

  3. मुख्यमंत्री के निर्देश पर मेले का क्षेत्र व सुविधाएं बढ़ाई गईं।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। पतितपावनी गंगा, श्यामल यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम तट पर हर वर्ष आयोजित होने वाले माघ मेला में इस बार 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां भी स्थापना होंगी। इसके लिए शासन से से स्वीकृति भी मिल गई है।

खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए मंडलायुक्त व प्रयागराज मेला प्राधिकरण के चेयरमैन को निर्देश दिए थे, जिसके क्रम में प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिस पर संस्तुति मिलने के बाद अब जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके अलावा कुंभ व महाकुंभ की तर्ज पर सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।

संगम के पास अरैल स्थित शिवालय पार्क में सभी ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां बनाई जाएंगी। अरैल क्षेत्र में ही वेलनेस-योगा सेंटर भी चलेगा। थीमेटिकल-कांप्सेप्ट लाइटिंग से मेला क्षेत्र रोशन होगा। संगम समेत 12 स्नान घाटों तथा महत्वपूर्ण स्थलों पर पौराणिक-धार्मिक प्रतीकात्मक चिन्हों पर आधारित संरचनाओं के रूप में सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे।

परेड क्षेत्र में पहली बार टॉय ट्रेन चलेगी तो ग्रेविटी राइड भी होगी। गंगा और यमुना के तटों पर सैंड आर्ट बनेंगे। इसके लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय एवं अन्य महाविद्यालय के फाइन आर्ट संकाय के प्रमुख से वार्ता हो चुकी है।

पौराणिक कथाओं पर आधारित फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी, जिनमें शहर तथा आसपास के स्कूल-कालेज के छात्र-छात्राओं की सहभागिता होगी। इस बार मेला 20 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल में विस्तारित होगा। परेड क्षेत्र में कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

उप मेलाधिकारी विवेक शुक्ला ने बताया लोक निर्माण विभाग, जल निगम, सिंचाई, विद्युत विभाग, मेला प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की निविदाएं कराई जा रही हैं। बाढ़ का पानी उतरते ही मेला के कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।

माघ मेला 2027 के प्रमुख स्नान पर्व

  • 14 व 15 जनवरी ---मकर संक्रांति
  • 22 जनवरी -------पौष पूर्णिमा
  • 6 फरवरी ---------मौनी अमावस्या
  • 11 फरवरी --------बसंत पंचमी
  • 20 फरवरी --------माघी पूर्णिमा
  • 6 मार्च ---------महाशिवरात्रि


माघ मेला 2026 एवं 2027 का तुलनात्मक विवरण

माघ मेला 2026 की तुलना में वर्ष 2027 में क्षेत्र एवं विभिन्न व्यवस्थाओं के विस्तार का प्रस्ताव है। मेला क्षेत्रफल 844 हेक्टेयर से बढ़कर 925 हेक्टेयर, सेक्टरों की संख्या सात से बढ़कर आठ तथा घाटों की लंबाई 3.60 किमी से अधिक 4.00 प्रस्तावित है। पांटून पुलों की संख्या नौ रहेगी।

पार्किंग व्यवस्था में पार्किंग स्थलों की संख्या 42 से बढ़कर 48, पार्किंग क्षेत्र 250 हेक्टेयर से बढ़कर 320 हेक्टेयर तथा पार्किंग क्षमता 1.30 लाख से बढ़कर 1.45 लाख से अधिक वाहनों की प्रस्तावित है। यातायात लाइन की संख्या एक से बढ़ाकर दो किए जाने का प्रस्ताव है।

सुरक्षा एवं अग्निशमन व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए थानों की संख्या 17 से बढ़ाकर 19, चौकियों की संख्या 42 से बढ़ाकर 50 तथा फायर स्टेशनों की संख्या 20 से बढ़ाकर 22 प्रस्तावित है।

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फायर वाच टावर 20 से बढ़ाकर 22, महिला हेल्प डेस्क 16 से बढ़ाकर 20 तथा साइबर हेल्प डेस्क भी 16 से बढ़ाकर 18 करना प्रस्तावित है। स्नान घाटों की संख्या 31 से बढ़ाकर 35, होल्डिंग एरिया 16 से बढ़ाकर 18 तथा सीसीटीवी कैमरों की संख्या मेला क्षेत्र में 400 एवं नगर क्षेत्र में 1152 रखने का प्रस्ताव है।

माघ मेला 2027 के दिव्य और भव्य तरीके से आयोजन के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। सरकार की ओर से पहले ही लगभग 100 करोड़ रुपये निर्गत किए जा चुके हैं। लगभग इतनी ही धनराशि का अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इसी माह से मेला कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
 
                                                                                       ऋषि राज, मेलाधिकारी