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पीएम सूर्य घर सोलर सब्‍स‍िडी के कुछ माह शेष, अब पैनल की बढ़ने लगी हैं कीमतें, कि‍तनी म‍िलती है सब्‍स‍िडी और कैसे करें दावा?

By Ashok Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 05 Sep 2026 02:27 PM (IST)

पीएम सूर्य घर योजना के तहत वाराणसी में 50,077 घरों में सोलर पैनल लगे, जिससे यूपी देश में दूसरे स्थान ...और पढ़ें

पीएम सूर्य घर योजना: वाराणसी में सौर क्रांति, सब्सिडी का लाभ उठाएं, बढ़ रही हैं पैनल की कीमतें।

पीएम सूर्य घर योजना: वाराणसी में सौर क्रांति, सब्सिडी का लाभ उठाएं, बढ़ रही हैं पैनल की कीमतें।

HighLights

  1. वाराणसी में 50,077 घरों में सोलर पैनल, यूपी दूसरे स्थान पर।

  2. पीएम सूर्य घर योजना की मियाद 2027 तक, पैनल महंगे।

  3. योजना से रोजगार, पर्यावरण लाभ, वाराणसी बना सफल मॉडल।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पीएम सूर्य घर योजना से लाखों घर रोशन हो रहे हैं लेकिन किसी योजना की म‍ि‍याद भी तय होती है। फ‍िलहाल अगर तारीख आगे नहीं बढ़ी तो 31 मार्च 2027 तक ही पीएम सूर्य घर योजना का समय है। वहीं महंगाई का तड़का सोलर पैनल में भी लगा है। ल‍िहाजा छह माह योजना के और शेष हैं तो दूसरी ओर पैनल की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। 

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 50,077 घरों की छतों पर रूफटाप सोलर संयंत्र लगाकर अकेले पीएम नरेन्‍द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र ने ही अर्धशतक पूरा कर लिया है। जनपद में वर्तमान में 150 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता विकसित हो चुकी है। यह उपलब्धि न केवल जिले में स्वच्छ ऊर्जा के बढ़ते प्रसार को दर्शाती है बल्कि लोगों में हरित ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी प्रमाण है।

सीडीओ प्रखर कुमार सिंह के अनुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने काशी की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में वाराणसी प्रदेश के अग्रणी सौर ऊर्जा जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर कायम रहते हुए वाराणसी में हजारों परिवार अब अपनी छत पर बिजली पैदा कर रहे हैं। इसमें 17,698 उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया है। जिले में अब तक 76,218 लोगों ने योजना के तहत आवेदन किया है।

यूपी नेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शशि गुप्ता ने बताया कि जिले में स्थापित रूफटाप सोलर संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 7.50 लाख यूनिट स्वच्छ बिजली का उत्पादन हो रहा है। इस बिजली का अनुमानित आर्थिक मूल्य 51 लाख रुपये से अधिक प्रतिदिन है। इससे पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है। बिजली उत्पादन पर होने वाला खर्च घटने से उपभोक्ताओं और सरकार, दोनों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिल रहा है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए वाराणसी आज सिर्फ सौर ऊर्जा उत्पादन में ही नहीं, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण, आर्थिक बचत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्थानीय रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी एक सफल माडल के रूप में उभर रहा है। जिस काशी को कभी केवल आध्यात्मिक नगरी के रूप में जाना जाता था, वही आज हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रही है।

यूपी सर्वाधिक सोलर रूफटाप वाला दूसरा राज्‍य 

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर रूफटाप स्थापना में उत्तर प्रदेश लगातार बेहतर कर रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को पीछे छोड़ते हुए देश में दूसरा सर्वाधिक सोलर रूफटाप संयंत्र स्थापित करने वाला राज्य बन गया। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रधानमंत्री ने 2024 में शुरुआत की। इसके बाद सोलर रूफटाप स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश ने इसे मिशन मोड में स्थापित करने की पहल शुरू की।

सोलर रूफटाप के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में एक कार्य पद्धति विकसित की गई। इसमें नेडा के साथ जिलाधिकारी, सीडीओ, लीड बैंक मैनेजर ने टीम बनाकर कार्य शुरू किया। वेंडरों की संख्या में वृद्धि की गई। नेडा ने पेंडेंसी पोर्टल बनाया। समस्याओं का 24 घंटे में दूर करने की व्यवस्था की गई। 16 जुलाई को उत्तर प्रदेश 674393 सोलर रूफटाप लगाकर दूसरा स्थान प्राप्त कर लिया। 673717 संंयंत्र स्थापित करने वाला महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर पहुंच गया। वहीं गुजरात 749839 संयंत्रों के साथ देश में पहले स्थान पर बना हुआ है।

यूपी में काशी में सर्वाध‍िक संयंत्र

काशी में 26000 से अधिक घरों पर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर संयंत्र लगाए गए हैं। इससे प्रतिदिन तीन लाख यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है। इससे लोगों के प्रतिमाह पांच करोड़ रुपये बच रहे हैं। पीएम कह भी चुके हैं क‍ि काशी का सांसद हूं इसलिए भी यह आंकड़े दे रहा हूं। सोलर पावर से बिजली उत्पादन से 90 हजार टन कार्बन एमिशन कम हो रहा है। इस कार्बन एमिशन को हमको खपाने के लिए 40 लाख से अधिक पेड़ लगाने पड़ते। उन्होंने कहा यह सिर्फ काशी के आंकड़े हैं। निश्चित रूप से पीएम सूर्य घर बिजली योजना भविष्य को ट्रांसफार्म करने की कितनी ताकत रखती है उसका उदाहरण है। आप कल्पना कर सकते हैं कि इससे देश को कितना बड़ा फायदा हो रहा है।

सोलर लगवाने वालों को मिलेगी 12 प्रतिशत की छूट
काशी के महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि उन्होंने एक दिसंबर से 31 दिसंबर के बीच घरों पर सोलर संयंत्र लगाने वालों को गृहकर में 12 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। कोई भी सोलर स्थापित करने के कागजात दिखाकर गृहकर में 12 प्रतिशत की छूट प्राप्त कर सकता है। इससे लोगों में आकर्षण बढ़ा है। काशी को सोलर सिटी बनाने में सहयोग मिलेगा।

10,600 से अधिक को दिया प्रत्यक्ष रोजगार

सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना लोगों के घरों को मुफ्त बिजली से प्रकाशमान कर रही है। पर्यावरण और पावर तीनों की बचत के साथ काफी रोजगार सृजन भी कर रही है। इस योजना से वाराणसी में अब तक 10,600 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल चुका है। इतना ही नहीं अप्रत्यक्ष रूप से भी बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

यूपी नेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी शशि गुप्ता ने बताया कि योजना की शुरुआत में वाराणसी में केवल 10 वेंडर थे। इसकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और मांग को देखते हुए इनकी संख्या बढ़कर वर्तमान में 106 हो चुकी है। इससे जिले में 10,600 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिले हैं। इतना ही मांग को देखते हुए इसमें अभी बढोत्तरी की काफी संभावनाएं हैं। 

सांसद आदर्श गांव अब बनेंगे 'सोलर एनर्जी विलेज'

प्रधानमंत्री के संसदीय आदर्श गांवों में अनवरत बह रही विकास गंगा के साथ अब हरित ऊर्जा की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य करने की तैयारी है। इन गांवों को सोलर एनर्जी विलेज बनाने की दिशा में सबसे पहले जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। अधिक से अधिक लोगों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी दी जा रही है। पीएम व सीएम आवास से आच्छादित गरीब परिवारों को अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए अपनी जेब से कुछ भी खर्च नहीं करना होगा।

एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया अपने सीएसआर (कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलटी) फंड से इस बाबत मदद करेगी। इसके अलावा जिला प्रशासन अन्य कंपनियों के सीएसआर फंड से भी इस दिशा में कार्य कराने की जुगत में लगी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी की ओर से सबसे पहले वित्तीय वर्ष 2014-15 में ब्लाक आराजीलाइन के जयापुर गांव को गोद लिया गया था। इस गांव में सड़क निर्माण से लगायत यूबीआइ, कैनरा बैंक की शाखा, पोस्ट आफिस, बस सेवा संचालन समेत बहुतायत कार्य हुए। 

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में सोलर पैनल पर खर्च
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में दो किलोवाट तक सोलर पैनल लगाने पर कुल 1.20 लाख रुपये खर्च आते हैं। इसमें राज्य सरकार की आरे से तीस हजार और केंद्र की ओर से 60 हजार रुपये की सब्सिडी मिलती है। शेष धनराशि उपभोक्ता को लगानी पड़ती है। सरकार की ओर से इस योजना में अधिकतम एक लाख आठ हजार रुपये तक की सब्सिडी देय है। शेष उपभोक्ता को अपनी जेब से खर्च करना होता है। प्रति किलोवाट 60 हजार रुपये सोलर पैनल लगाने पर खर्च होता है। अब कीमतों में व‍िगत दो माह से दस से बीस हजार रुपये तक की कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है। 

बहुत कम है बैंकों को जोखिम
नेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी एसके गुप्ता ने बताया कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में सोलर संयंत्र के लिए ऋण देने में बैंकों को जोखिम बहुत कम है। इसमें एनपीए (गैर निष्पादित संपत्ति) होने की संभावना बहुत कम है। मान लें कोई व्यक्ति तीन किलोवाट का संयंत्र लगाता है। उसकी कीमत लगभग 1,80,000 रुपये होगी। इसमें 10 प्रतिशत यानि 18,000 रुपये वह मार्जिन मनी देगा। बैंक 1,62,000 रुपये देगा। संयंत्र लगते ही 1,08,000 रुपये सब्सिडी आ जाएगी। इस प्रकार मात्र 54,000 रुपये शेष ऋण रह जाएगा। उसे उपभोक्ता जो प्रतिमाह तीन हजार रुपये की बिजली बचाएगा उसे आसानी से जमा कर देगा।

सरकारी संस्‍थानों में भी लग रहे संयंत्र

 विद्युत उपभोक्ताओं को "पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली" योजना के तहत सब्सिडी देकर सोलर संयंत्र लगाने के लिए शासन-प्रशासन प्रोत्साहित कर रहा है। सरकारी व अर्द्ध सरकारी भवनों पर सोलर रूफटाप संयंत्र लगाने के लिए विभागों के पास लाखों-करोड़ों रुपये के व्यय का बजट नहीं है। इस कारण वहां यह प्रक्रिया थोड़ी धीमी है। इस वजह से सरकार ने अब रिन्यूएबल इनर्जी सर्विस कंपनी (रेस्को) मोड में सोलर संयंत्र लगाने का निर्णय लिया है। इसके तहत जनपद के सभी प्राथमिक विद्यालयों, थाना-चौकी और पंचायत भवन आदि पर सोलर संयंत्र लगाया जाएगा।

इसके लिए संबंधित विभाग को विभाग को सोलर संयंत्र लगाने के लिए कोई धनराशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी। उनकी आवश्यकता अनुसार सोलर संयंत्र लगाने का संपूर्ण खर्च रेस्को वहन करेगी। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) के ने इस दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत संबंधित विभाग रेस्को को संयंत्र लगाने के लिए 25 वर्षों तक अपनी छत अधिकृत करेगा। रेस्को मोड में सोलर रूफटाप से उत्पादित विद्युत का टैरिफ व उपभोग हुई बिजली के आधार पर मासिक बिल रेस्को को देना होगा। इसके लिए विभाग रेस्को से पावर परचेज एग्रीमेंट करेगा। किसी विभाग की छत पर संयंत्र लगेगा तो वह जितना बिजली खर्च करेगा उसका बिल वह रेस्को को लगभग 4.90 रुपये प्रति यूनिट की दर से देगा। 

निजी बिजली नलकूप भी सोलर संयंत्र से देंगे निश्शुल्क पानी

बिजली से चलने वाले हर नलकूप को भी विशेष तरह का सोलर संयंत्र स्थापित करने की योजना है। किसान नलकूप से निश्शुल्क सिंचाई कर सकेंगे। वह अपनी जरूरत के अनुसार बिजली नहीं होने पर सोलर से पंप को संचालित कर सकेंगे। नेडा के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी एसके गुप्ता ने बताया कि किसानों को सोलर नलकूप के लिए पहले से ही पीएम कुसुम योजना लागू है। ऐसे नलकूप केवल सोलर ऊर्जा से ही चलते हैं। नई योजना पीएम कुसुम घटक सी-1 है। इस योजना के तहत पहले से स्थापित बिजली से चलने वाले निजी नलकूप को सोलर से जोड़ा जाएगा। 

इस तरह पोर्टल पर करें पंजीकरण
PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Apply for Rooftop Solar' विकल्प पर क्‍ल‍िक करें। इसके बाद अपना राज्य और अपनी बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) के नाम का चयन करनेे के बाद बिजली उपभोक्‍ता नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज करके पंजीकरण पूरा कर सकते हैं। 

पंजीकरण के बाद उपभोक्‍ता नंबर और मोबाइल नंबर (ओटीपी के जरिए) से लॉगिन कर सकते हैं। इसके बाद Rooftop Solar के लिए दिए गए ऑनलाइन फॉर्म को भरने के दौरान बिजली का बिल, पहचान पत्र (आधार कार्ड) और बैंक पासबुक की कॉपी दस्‍तावेज के तौर पर अपलोड करना होता है। इसके बाद बिजली कंपनी (DISCOM) इसकी जांच करेगी। जांच में परिसर की स्‍थ‍ित‍ि का अवलोकन होता है। इसके बाद तकनीकी मंजूरी मिलेगी और मंजूरी मिलने पर पोर्टल पर मौजूद सूची से लाइसेंसी वेंडर्स में से किसी एक को आप चुन सकते हैं। इसके बाद संबंध‍ित वेंडर इंस्‍टालेशन का काम पूरा करेंगे।  

मीटरिंग और सब्सिडी
सोलर पैनल इंस्टॉल होने के बाद वेंडर नेट मीटर के लिए बिजली विभाग में अप्लाई करेगा। डिस्कॉम अधिकारी आकर जांच करेंगे और प्लांट चालू होने का प्रमाणपत्र जारी करेंगे। इसके बाद पोर्टल पर अपनी बैंक डिटेल्स जमा करें। वेरिफिकेशन होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसमें वेंडर आपकी तकनीकी सहायता भी करते हैं। इसके बाद आपका मीटर पैनल के खर्च और उपभोग- उत्‍पादन के आधार पर आंकड़े जनरेट करती है, ज‍िसे आप एप पर भी देख सकते हैं जो आपको वेंडर बता देंगे। 

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वाराणसी सोलर सिटी बनने की दिशा में अग्रसर है। हम पूरी कार्य योजना बनाकर आम आदमी के साथ कर्मचारी, अधिकारी, शिक्षक, छोटे-बड़े संस्थान को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि हम इसी माह 10,000 सोलर संयंत्र लगा लेंगे।

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एसके गुप्ता, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी।