विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

PM Modi के 25 साल पूरे: वडनगर से 10 नदियों का जल लेकर काशी पहुंचे 500 बाइकर्स, बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे

Published: Wed, 07 Oct 2026 10:47 AM (GMT+05:30)

वडनगर से 10 नदियों का पवित्र जल लेकर सेवा संकल्प बाइक यात्रा काशी पहुंची, जहां 500 यात्री श्री काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे।

वडनगर से 10 नदियों का जल लेकर काशी पहुंचे 500 बाइकर्स।

वडनगर से 10 नदियों का जल लेकर काशी पहुंचे 500 बाइकर्स।

HighLights

  1. वडनगर से काशी पहुंची सेवा संकल्प बाइक यात्रा।

  2. 10 पवित्र नदियों का जल लेकर आए 500 यात्री।

  3. यात्रा में स्वच्छता, पौधारोपण और नशामुक्ति का संदेश दिया गया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संवैधानिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भाजपा सेवा संकल्प अभियान चला रही है।

इसी क्रम में गुजरात के वडनगर से 10 नदियों का पवित्र जल लेकर सेवा संकल्प बाइक यात्रा मंगलवार को काशी पहुंची। यह यात्रा वहां से मोदी के जन्मदिन पर 17 अक्टूबर को चली थी। इसी प्रकार काशी से भी एक यात्रा वडनगर गई थी।

बाइक यात्रा में 250 बाइक पर सवार होकर 500 यात्री 25-25 के ग्रुप में 10 रूट से रवाना हुए थे। सभी ग्रुप 10 राज्यों से होते हुए जौनपुर, भदोही, चंदौली, मीरजापुर, प्रयागराज आदि मार्गों से काशी में प्रवेश किया। उनका जनप्रतिनिधियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।

इसके बाद सभी कैंटोमेंट स्थित होटल डी-पेरिस पहुंचे। सभी यात्री रास्ते में 25 पड़ावों पर रुके और सेवा कार्य किए। इसमें पौधारोपण, स्वच्छता के साथ नशा मुक्ति जागरूकता के कार्यक्रमों में भाग लिया। साथ ही विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए प्रधानमंत्री के जनसेवा, सुशासन और राष्ट्र-निर्माण के 25 वर्षों के संकल्प को जन-जन के कार्यों को बताया।

शर्मिष्ठा तालाब और 10 नदियों का लाए जल

बाइक यात्री अपने साथ गुजरात की 10 पवित्र नदियों और शर्मिष्ठा तालाब का जल लेकर आए हैं। इसमें नर्मदा, साबरमती, माही, गोमती, विश्वामित्री, तापी, बनास, क्षेत्रुंजी, अजी और पंबा नदियां शामिल हैं। इन नदियों के जल से श्री काशी विश्वनाथ का अभिषेक किया जाएगा।

तिरुपति से 25 युवा बाइक यात्री पहुंचे, राष्ट्रीय एकात्मता दिया संदेश

सेवा संकल्प यात्रा अभियान में एक अन्य यात्रा तिरुपति से काशी पहुंचा। युवा भागीदारी, सेवा, आध्यात्मिकता, विकास और राष्ट्रीय एकात्मता के संदेश को लेकर पहुंची है। वाराणसी पहुंचने पर श्रृंगेरी शंकराचार्य मठ, महमूरगंज में यात्रियों का राज्यसभा सदस्य विजय चिंताकायला व सना सतीश बाबू और स्टांप व न्यायालय शुल्क पंजीयन राज्य मंत्री रवींद्र जायसवाल ने स्वागत किया। यात्रा का विशेष आकर्षण पवित्र जल कलश रहा।

varanasi bikers

इसमें विजयवाड़ा में कृष्णा नदी और भद्राचलम में गोदावरी नदी का जल एकत्र कर काशी लाया गया। इस जल को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर अर्पित किया गया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू व आइटी एवं शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के मार्गदर्शन में तेलुगु नाडु स्टूडेंट्स फेडरेशन और तेलुगु युवा ने यात्रा का आयोजन किया है।

यात्रा का शुभारंभ 30 सितंबर को तिरुमला की पहाड़ियों की तलहटी में प्रार्थना और भगवान श्री वेंकटेश्वर के आशीर्वाद के साथ हुआ। इसमें 25 युवा राइडर्स ने पांच राज्यों से होकर करीब 2,000 किलोमीटर की दूरी तय कर काशी पहुंचे।

राइडर्स ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर पहुंचे। विभिन्न स्थानों पर टीडीपी, भाजपा, जेएसपी के कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने स्वागत किया। यात्रा के दौरान यात्रियों ने श्रीकालहस्ती मंदिर, विजयवाड़ा का कनक दुर्गा मंदिर, भद्राचलम का श्री राम मंदिर तथा महाराष्ट्र स्थित चंपा आश्रम शांति धाम मंदिर सहित अनेक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन किए।

यात्रा के दौरान नागपुर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जहां अनिमिनी रवि नायडू और एमवी. प्रणव गोपाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और उन्हें तिरुमला तिरुपति देवस्थानम का प्रसाद भेंट किया। इस अवसर के साथ तिरुपति से प्रारंभ हुई यह यात्रा अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उद्देश्य के साथ संपन्न हुई।

सांस्कृतिक एकता की जीवंत यात्रा : विजय

यात्रा का स्वागत करते हुए विजय चिंताकायला ने कहा, यह केवल एक बाइक रैली नहीं, भारत की सांस्कृतिक एकता की जीवंत यात्रा है। आदि शंकराचार्य सदियों पहले चारों दिशाओं में मठ स्थापित कर यही संदेश दिया था कि भारत केवल भौगोलिक सीमाओं का देश नहीं, एक साझा सांस्कृतिक चेतना है।

आज वही भाव इस यात्रा में जीवंत है। दक्षिण भारत की कृष्णा और गोदावरी जैसी पवित्र नदियों का जल जब उत्तर भारत की गंगा की ओर आया, तो इसने भारत की उस सनातन परंपरा को अभिव्यक्त किया जिसमें अलग-अलग क्षेत्र, भाषाएं, परम्पराएं और आस्थाएं एक साझा सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी हुई हैं।

यात्रा विवरण

  • 2000 किलोमीटर लगभग एक ग्रुप की यात्रा
  • 10 राज्यों से होकर गुजरी प्रत्येक यात्रा
  • 193 जिलों से होकर गुजरी यात्रा
  • 1159 गांवों से होकर गुजरी यात्रा

सेवा कार्य विवरण

  • 12849- पौधारोपण
  • 173 - स्वच्छता कार्यक्रम
  • 1441 -सेवा के अन्य कार्य।

यह भी पढ़ें- आज वाराणसी आएंगे भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम योगी, जनसभा को करेंगे संबोधित