दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन का 'नॉर्दर्न कॉरिडोर' मंजूर, किराया विमान के टिकटों की तुलना में काफी कम : अश्विनी वैष्णव
केंद्र सरकार ने महत्वाकांक्षी 'नॉर्दर्न कॉरिडोर' बुलेट ट्रेन परियोजना को मंजूरी दे दी है, जो दिल्ली से गुवाहाटी तक कई ...और पढ़ें
HighLights
'नॉर्दर्न कॉरिडोर' बुलेट ट्रेन परियोजना को केंद्र ने दी मंजूरी।
दिल्ली से गुवाहाटी तक कई प्रमुख शहर जुड़ेंगे।
किराया विमान टिकट से काफी कम, आमजन को लाभ।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। देश के बुनियादी ढांचे और परिवहन व्यवस्था को एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी रफ्तार देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन नेटवर्क के महत्वाकांक्षी 'नॉर्दर्न कॉरिडोर' (उत्तरी कॉरिडोर) को अपनी मंजूरी दे दी है। यह बात केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस स्टेशन में ट्रेनों को हरी झंडी दिखाने के कार्यक्रम के दौरान कही। इस हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद उत्तर भारत के कई प्रमुख शहर आपस में बेहद कम समय की दूरी पर सिमट जाएंगे।
दिल्ली से गुवाहाटी तक होगा विस्तार
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि यह नया बुलेट ट्रेन कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या को आपस में जोड़ेगा। इसके पश्चात यह लाइन आगे वाराणसी और पटना से होते हुए गुवाहाटी तक जाएगी। इस प्रोजेक्ट के मूर्त रूप लेने से उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी भी अभूतपूर्व रूप से मजबूत होगी।
सफर में लगेगा अब बेहद कम समय
आगामी वर्षों में जब यह नॉर्दर्न कॉरिडोर बनकर तैयार हो जाएगा, तो यात्रियों का सफर घंटों से घटकर मिनटों में रह जाएगा। रेल मंत्री द्वारा साझा किए गए संभावित समय के अनुसार:
दिल्ली से आगरा: सिर्फ 59 मिनट
दिल्ली से कानपुर: 1 घंटे 45 मिनट
दिल्ली से लखनऊ: 2 घंटे 12 मिनट
दिल्ली से वाराणसी: मात्र 3 घंटे 33 मिनट
इसके अलावा दिल्ली से प्रयागराज का सफर भी मात्र 33 मिनट में तय किया जा सकेगा।
विपक्ष के दावों पर पलटवार, किराया होगा किफायती
मंत्री ने कहा कि बुलेट ट्रेन जैसी अत्याधुनिक सेवाओं को लेकर अक्सर विपक्षी दलों द्वारा यह गलतफहमी फैलाई जाती है कि यह परियोजना केवल समाज के अमीर वर्ग के लिए है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि इस हाई-स्पीड ट्रेन का किराया बेहद किफायती और सामान्य नागरिकों की पहुंच के भीतर होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इसका किराया विमान (फ्लाइट) के टिकटों की तुलना में काफी कम होगा, जिससे आम जनता भी इस आधुनिक और आरामदायक सफर का लाभ उठा सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के निर्माण से न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों से लैस यह बुलेट ट्रेन परियोजना उत्तर भारत के विकास पथ पर एक मील का पत्थर साबित होगी।
पर्यटन और कनेक्टिविटी
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन नेटवर्क के 'नॉर्दर्न कॉरिडोर' को मंजूरी दे दी है। यह दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या को जोड़ेगा और आगे वाराणसी और पटना से होते हुए गुवाहाटी तक जाएगा।' इसकी वजह से धार्मिक पर्यटन को बल मिलेगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे पूर्वोंत्तर भारत से भी संपर्क मजबूत होगा।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।