यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आजमगढ़ की मेडिकल छात्रा ने किया आइएस से जुड़े युवक से निकाह
आजमगढ़ में एक कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई कर रही युवती ने भारत में आइएस के लिए भर्ती होने के लिए बरगलाने वाले युवक से निकाह कर लिया है।

वाराणसी [विकास बागी]। मोबाइल या फोन पर सिर्फ ट्रिपल तलाक ही नहीं निकाह भी हो रहा है। वह भी आतंकी संगठन आइएस के युवक से। आजमगढ़ का नाम काफी समय से आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों की पैठ से काफी विख्यात हो गया है। अब यहां की मेडिकल छात्रा का नाम भी आइएस के एक आतंकी से जुडऩे के कारण चर्चा में हैं। इस छात्रा ने फोन पर आतंकी संगठन आइएस के एक युवक से निकाह किया है।
आजमगढ़ में एक कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई कर रही युवती ने भारत में आइएस के लिए भर्ती होने के लिए बरगलाने वाले युवक से निकाह कर लिया है। आइएस से जुड़े इस संदिग्ध आतंकी के विचारों से वह इस कदर प्रभावित हुई कि उसने फोन पर ही निकाह कर लिया। नेशनल इंवेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआइए) ने अप्रैल में आइएस से जुड़े संदिग्ध अमजद को गिरफ्तार कर लिया है और 24 वर्षीय मेडिकल छात्रा की गतिविधियों पर नजर रख रही है। यह युवती फिलहाल निकाह के बाद आजमगढ़ में ही है। सुरक्षा एजेंसियों ने छात्रा की पहचान अभी किसी से भी उजागर नहीं की है।
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राजस्थान के चुरु का रहने वाला 37 वर्षीय अमजद खान, भारत में आइएस आतंकवादी समूह के प्रमुख शफी अरमार, जो सीरिया में रहता था, से अहमद खान काफी निकट था। अमजद खान को भारत में जरुर-उल-खिलाफा-फिल्-हिंद (जेकेएच) के लिए मुस्लिम युवाओं को प्रेरित करने व उन्हें भर्ती करने का दायित्व सौंपा गया था। जेकेएच, 2015-16 में आतंकी समूह की भारतीय शाखा अरमार द्वारा शुरू की गई थी।
आइएस आतंकी ग्रुप की शाखा जेकेएच के लिए भारतीयों को भर्ती व प्रेरित करने के आरोप में सऊदी अरब से अमजद खान को बीते माह ही निर्वासित किया गया था। वर्ष 2012 के अंत में अमजद आजमगढ़ के सरायमीर की मेडिकल छात्रा के संपर्क में आया और उसके साथ बातचीत शुरू कर दी थी। इस बीच अमजद सऊदी चला गया और वहीं से भारतीयों को आइएस में भर्ती के लिए बरगलाने लगा।
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आजमगढ़ की मेडिकल छात्रा अमजद के साथ सोशल मीडिया के जरिये अल-ए-हदीस और इस्लाम पर चर्चा करती थी, उससे प्रभावित थी। अंतत: प्रेम जाल में फंसाने के बाद अमजद ने उसे बताया कि वह विवाहित है और उसके दो बच्चे हैं। इसके बावजूद युवती उसके संग निकाह करने को तैयार थी। अंतत: युवती ने सऊदी में रहकर भारत के युवाओं को आइएस में भर्ती के लिए बरगलाने वाले अमजद से मई 2016 में मोबाइल फोन पर निकाह कर लिया।
निकाह से पहले जब 2014 में अमजद सऊदी में था तब उसने छात्रा को सीरिया आने के लिए भी प्रेरित किया था। अमजद ने उसे भरोसा दिया था कि सीरिया में रहने वाले शफी अरमार के माध्यम से उनकी यात्रा को सुविधाजनक बनाया जाएगा। निकाह के बाद भी युवती सीरिया जाने को राजी नहीं हुई। बीते माह अमजद और उसके दो भाइयों को जब सऊदी सरकार ने संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में निर्वासित कर भारत भेज दिया तब इनको एनआइए ने गिरफ्तार किया। सुरक्षा एजेंसियों ने मुद्दीर शेख की अगुवाई वाले भारत में संचालित जेकेएच संगठन के करीब 30 शातिरों को देशव्यापी छापे में गिरफ्तार किया था।
