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11 साल बाद सुधरी 80 साल बड़ी हुई छात्रा की जन्मतिथि, हाई कोर्ट के आदेश पर यूपी बोर्ड ने दिया नया अंकपत्र

Published: Mon, 05 Oct 2026 11:21 PM (IST)

इलाहाबाद हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जौनपुर की छात्रा जया के हाईस्कूल के अंकपत्र में 11 साल बाद जन्मतिथि ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. छात्रा जया की जन्मतिथि में 11 साल बाद सुधार हुआ।

  2. इलाहाबाद हाई कोर्ट के हस्तक्षेप से त्रुटि ठीक हुई।

  3. यूपी बोर्ड ने संशोधित अंकपत्र और प्रमाण-पत्र जारी किया।

संग्राम सिंह, वाराणसी। इलाहाबाद हाई कोर्ट के हस्तक्षेप और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद जौनपुर की छात्रा जया के हाईस्कूल के अंकपत्र में दर्ज जन्मतिथि की गंभीर त्रुटि सुधर गई। हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने के 11 साल बाद क्षेत्रीय कार्यालय, वाराणसी ने संशोधित प्रमाण-पत्र और सह-अंकपत्र विद्यालय को भेज दिया है। श्री रामलखन सिंह शिक्षण संस्थान, नकहरा खानदेव, जौनपुर की संस्थागत छात्रा जया ने 2014 में हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

परीक्षा का परिणाम आने पर अंकपत्र में उनकी जन्मतिथि 20 मई 1920 दर्ज थी, जबकि वास्तविक जन्मतिथि 20 मई 2000 थी। इसे सुधारने के लिए प्रयास शुरू किए गए। नियमों के अनुसार जन्मतिथि संशोधन के लिए तीन साल के भीतर आवेदन करना होता है। वर्ष 2018 में आवेदन किए जाने तक समय सीमा बीत चुकी थी, इसलिए यूपी बोर्ड ने प्रकरण को कालबाधित (समय सीमा से बाहर) मानकर अस्वीकार कर दिया।

बोर्ड से राहत न मिलने पर जया ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद माध्यमिक शिक्षा परिषद मुख्यालय, प्रयागराज और क्षेत्रीय कार्यालय, वाराणसी ने प्रकरण का परीक्षण किया। तकनीकी पहलुओं की जांच के बाद जन्मतिथि में संशोधन किया गया। यूपी बोर्ड के वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव भास्कर मिश्र ने बताया कि नियमों के तहत परीक्षण करने के बाद जन्मतिथि सुधार दी गई है। छात्रा के भविष्य को देखते हुए संशोधित अंकपत्र एवं प्रमाण-पत्र जारी कर विद्यालय को भेज दिया गया है।

कई वर्षों तक दफ्तरों के चक्कर काटे
जया के पिता गिरजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जन्मतिथि सुधारने के लिए परिवार ने कई वर्षों तक दफ्तरों के चक्कर काटे और तमाम प्रयास किए। हर स्तर से निराशा मिलने के बाद हाई कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। नई मार्कशीट और सह-अंकपत्र मिल चुका है। जया ने पिछले वर्ष बैचलर आफ फार्मेसी (बी.फार्मा) की पढ़ाई पूरी की है।

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