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वाराणसी में गंगा की बाढ़ ने चला ऐसा दांव कि गलियों में चलने लगी नाव, तटवर्ती मोहल्‍लों में बढ़ी दुश्‍वारी

By Pradyuman Pandey RamuEdited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 01 Sep 2026 03:38 PM (IST)

वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रहा है, जिससे मणिकर्णिका घाट की गलियों में नावें चल ...और पढ़ें

HighLights

  1. गंगा जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर, खतरा गहराया।

  2. मणिकर्णिका घाट की गलियों में नावें, जनजीवन प्रभावित।

  3. NDRF-SDRF टीमें तैनात, प्रशासन ने अलर्ट जारी किया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी में द‍िन प्रत‍िदि‍न बाढ़ का खतरा गहराता जा रहा है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रहा है, जिससे मणिकर्णिका घाट की गलियों में नावें चलने लगी हैं। इस स्थिति ने स्थानीय निवासियों के लिए कई समस्याएं उत्पन्न कर दी हैं।

मणिकर्णिका घाट के छतों पर चिताएं जलाने का कार्य जारी है, जबकि नावों के माध्यम से शव और लकड़ियां ले जाई जा रही हैं। इस संकट के बीच, छतों पर विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था बनी हुई है।

बाढ़ के कारण तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट जारी किया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों की मुस्तैदी बढ़ा दी गई है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेजी से किया जा सके।

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स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए विभिन्न उपाय किए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है और राहत सामग्री का वितरण भी किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ के कारण होने वाली समस्याओं का समाधान शीघ्रता से किया जा सके।

गंगा की बाढ़ ने वाराणसी की जीवनशैली को प्रभावित किया है। गलियों में नावों का चलना इस बात का संकेत है कि जल स्तर कितना बढ़ गया है। स्थानीय लोग इस स्थिति से चिंतित हैं और प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।

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इस संकट के बीच, श्रद्धालुओं की आस्था भी कम नहीं हुई है। गंगा आरती का आयोजन जारी है, जो इस कठिन समय में भी लोगों को एकजुट कर रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ के दौरान सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत सहायता मांगें।

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, सभी नागरिकों को चाहिए कि वे अपने आसपास के लोगों की मदद करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। यह समय एकजुटता का है, और सभी को मिलकर इस संकट का सामना करना होगा।

वाराणसी में गंगा की बाढ़ ने न केवल जल स्तर को बढ़ाया है, बल्कि लोगों की जीवनशैली को भी प्रभावित किया है। माना जा रहा है क‍ि यद‍ि जलस्‍तर और कुछ बढ़ गया तो न‍िचले अन्‍य मोहल्‍लों में भी गंगा का पानी पहुंच जाएगा। 

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