वाराणसी में राम-रावण युद्ध से पहले हाथी ने मचाया उत्पात, 1971 के युद्ध और कोरोना के बाद पहली बार रुकी रामलीला
वाराणसी के रामनगर में राम-रावण युद्ध की रामलीला एक हाथी के उत्पात के कारण रोक दी गई, जिसे अगले दिन मंचित किया जाएगा।
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हाथी के उत्पात से राम-रावण युद्ध की लीला रुकी।
HighLights
हाथी के उत्पात से राम-रावण युद्ध लीला रुकी।
रामनगर की रामलीला अगले दिन के लिए स्थगित हुई।
1971 युद्ध, कोरोना के बाद तीसरी बार रुका मंचन।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। रामनगर में जिस इलाके में हाथी ने उत्पात मचाया वहीं पर रविवार को राम-रावण युद्ध का प्रसंग होना था। लेकिन देर रात तक हाथी के नहीं पकड़े जाने के कारण लीला का मंचन नहीं हो सका। पहले शाम सात बजे शुरू होने की सूचना दी गई लेकिन हाथी पर नियंत्रण नहीं होता देख काशिराज परिवार की ओर से लीला आठ बजे शुरू होने की बात बताई गई।
स्थिति पर नियंत्रण न हो पाने पर काशिराज परिवार के अनंत नारायण सिंह की उपस्थिति में रात नौ बजकर 20 मिनट पर लंका मैदान के समीप सुबेलगिरी पर्वत पर आरती की गई। इस दौरान अनंत नारायण सिंह खड़े रहे। वह कार से लीला स्थल पर पहुंचे थे।
वहीं, रविवार को राम रावण युद्ध की लीला को सोमवार के दिन की लीला में मंचित किया जाएगा। इस दौरान काफी संख्या में लीला देखने वालों की भीड़ रही। सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
भारत-बांग्लादेश युद्ध के दौरान रोकी गई थी लीला
रामनगर में आए पुराने लीला प्रेमियों ने बताया कि वर्ष 1971 में भारत-बांग्लादेश युद्ध के दौरान रात में पेट्रोमैक्स जलने पर रोक होने के कारण रामलीला को रोका गया था। इसके बाद कोरोना काल में भी लगातार वर्ष 2020 और 2021 में रामलीला पूर्ण रूप से रोक दी गयी थी। लीला प्रेमियों के अनुसार कई बार बारिश होने पर भी रामलीला पूर्ण रूप से बंद कर दी जाती है। उस दिन की लीला के मंचन को अगले कुछ दिनों की लीला में मंचित किया जाता है।
