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अब ब्रिक्स देशों के शोधकर्ताओं को भी सेवाएं देगा बीएचयू का ‘साथी’, आसानी से कर सकेंगे रिसर्च

Published: Fri, 16 Oct 2026 08:45 AM (IST)

काशी हिंदू विश्वविद्यालय का 'साथी' केंद्र अब ब्रिक्स देशों के शोधकर्ताओं को अपनी अत्याधुनिक शोध सुविधाएं प्रदान करेगा।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय। (तस्वीर- फाइल)

काशी हिंदू विश्वविद्यालय। (तस्वीर- फाइल)

HighLights

  1. ब्रिक्स शोधकर्ताओं को मिलेंगी 'साथी' केंद्र की सुविधाएं।

  2. भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में वैज्ञानिक सहयोग बढ़ेगा।

  3. किफायती दरों पर वैश्विक मानक शोध उपलब्ध होंगे।

शैलेश अस्थाना, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित सिंथेसिस एंड एनालिसिस थ्रू एडवांस्ड टेक्निकल इंस्ट्रूमेंटेशन (साथी) केंद्र की अत्याधुनिक शोध सुविधाओं का लाभ अब ब्रिक्स देशों के शोधकर्ताओं को भी मिल सकेगा।

इससे बीएचयू के शोध संसाधनों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ने और विभिन्न देशों के विज्ञानियों के बीच सहयोग के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

हाल ही में भारत की मेजबानी में संपन्न हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की प्राथमिकताओं और वैज्ञानिक सहयोग की दिशा में यह एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहल है।

केंद्र सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सहयोग से स्थापित यह केंद्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ड्रग डिस्कवरी (दवा खोज), खाद्य परीक्षण, न्यूट्रास्यूटिकल्स, जैविक और सामग्री (मटीरियल) अनुसंधान के क्षेत्र में सेवाएं देता है।

यह टेस्टिंग और कैलिब्रेशन प्रयोगशालाओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (नेशनल एक्रैडिटेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज- एनएबीएल) से प्रमाणित है। इसकी रिपोर्ट को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता प्राप्त है, हाल ही में केंद्र में तीन नई अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं भी आरंभ की गई हैं, जिससे इसकी क्षमता और शोध गुणवत्ता में काफी वृद्धि हुई है।

साथी के बीएचयू समन्वयक एवं मेडिसिनल केमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर त्र्यंबक देव सिंह ने बताया कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान सदस्य देशों के बीच शोध अवसंरचना साझा करने और वैज्ञानिक सहयोग बढ़ाने पर बल दिया जा रहा है।

बीएचयू स्थित ‘साथी’ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को तैयार है। यहां स्थापित अत्याधुनिक उपकरणों से रसायन विज्ञान, औषधि, जीवन विज्ञान, पर्यावरण और उन्नत सामग्री जैसे क्षेत्रों में शोध किया जा सकता है।

उन्नत सामग्री परीक्षण और वैज्ञानिक डेटा विश्लेषण के लिए ब्रिक्स देशों के कई शोधकर्ताओं और उद्योगों को महंगे पश्चिमी संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब 'साथी' के माध्यम से उन्हें बेहद किफायती दरों पर वैश्विक मानक की सुविधाएं मिलेंगी।

अणुओं की संरचना से लेकर सौर ऊर्जा तक शोध की सुविधा

बीएचयू परिसर में सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर (सीडीसी) की तीसरी मंजिल पर संचालित ‘साथी’ केंद्र 100 और 1000 क्लास क्लीन रूम है। नियंत्रित स्वच्छ वातावरण में संवेदनशील प्रयोग और विशेषकर इलेक्ट्रानिक्स और उन्नत सामग्री अनुसंधान में उपकरण-निर्माण संबंधी कार्यों के लिए उपयोगी है।

यहां उपलब्ध उपकरण विश्व में सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले उपकरणों में से हैं। इनमें से कई अकेले इसी संस्था के पास हैं। इस केंद्र में अणुओं की संरचना से लेकर सौर ऊर्जा तक पर शोध की सुविधाएं उपलब्ध हैं, साथ ही विभिन्न पदार्थों की शुद्धता की माप भी की जा सकती है।

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