यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अयोध्या हनुमानगढ़ी के लड्डू का GI Tag के लिए आवेदन स्वीकार, पूरा विश्व चखेगा अवध के जायके का स्वाद
GI Tag बौद्धिक संपदा अधिकार के क्षेत्र में काम कर रहे पद्मश्री डॉ. रजनीकान्त ने बताया कि भारतीय लघु उद्योग ...और पढ़ें

HighLights
- अयोध्या हनुमानगढ़ी के लड्डू का GI Tag के लिए आवेदन स्वीकार
- अयोध्या के जायके की विश्व भर में बनेगी पहचान
जागरण संवाददाता, वाराणसी। GI Tag: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इन प्रयासों का अब असर दिखने लगा है। तिरुपति के लड्डू प्रसाद की तरह अयोध्या के हनुमानगढ़ी के लड्डू को भी जल्द ही जीआई टैग मिलने की संभावना है।
इसके लिए चेन्नई स्थित जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) कार्यालय में प्रस्ताव भेजा है। अयोध्या हनुमानगढ़ी में मिलने वाले लड्डू के जीआइ (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) पंजीकरण के लिए आवेदन सोमवार को स्वीकार कर लिया गया है। दशकों से बन रहे इस लड्डू को जीआइ टैग मिलते ही यह भारत की बौद्धिक संपदा में शामिल हो जाएगा। इसके बाद अयोध्या का यह जायका विश्व भर में अपनी पहचान बना सकेगा।
बौद्धिक संपदा अधिकार के क्षेत्र में काम कर रहे पद्मश्री डॉ. रजनीकान्त ने बताया कि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) लखनऊ के वित्तीय सहयोग से जीआइ आवेदन ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन ने तैयार किया है। हलवाई कल्याण समिति, अयोध्या आवेदक के रूप में शामिल हुई।
अयोध्या हनुमानगढ़ी के लड्डू का जीआइ पंजीकरण का अवसर
यह सौभाग्य की बात है कि अयोध्या हनुमानगढ़ी के लड्डू का जीआइ पंजीकरण कराने का अवसर ऐसे अवसर पर मिला जब अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तिरुपति के लड्डू की भांति अयोध्या हनुमानगढ़ी के लड्डू को जीआइ टैग मिलने से सरकार का ध्यान इसकी गुणवत्ता, प्रचार-प्रसार, पैकेजिंग की ओर जाएगा।
निश्चित ही इससे इसकी पहुंच और लोकप्रियता बढ़ेगी और इसका लाभ अयोध्या के हलवाई समाज को मिलेगा। अयोध्या हनुमानगढ़ी में प्रसाद के लिए मिलने वाले देसी घी में बने बेसन के लड्डू अपने सोंधेपन और बेजोड़ स्वाद के कारण श्रद्धालुओं में काफी लोकप्रिय हैं।
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