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उन्नाव के आसमान में दिखेंगे वीआईपी: हर ब्लॉक में हेलीपैड, 19 में से 8 के टेंडर और निर्माण की कवायद शुरू 

Published: Wed, 29 Apr 2026 08:38 PM (IST)

उन्नाव जिले में वीआईपी आवाजाही के लिए 19 प्रस्तावित हेलीपैड में से 8 के निर्माण को बजट मिल गया है, ...और पढ़ें

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HighLights

  1. उन्नाव में 8 नए हेलीपैड निर्माण को मिली मंजूरी।

  2. तीन तहसील, पांच ब्लॉक मुख्यालयों पर बनेंगे हेलीपैड।

  3. स्थायी हेलीपैड से सरकारी धन की बर्बादी रुकेगी।

जागरण संवाददाता, उन्नाव। शासन ने लगभग पांच माह पहले जनपद में वीआईपी मूवमेंट के लिए मुख्यालय से लेकर ब्लाक तक जिला प्रशासन को 19 हेलीपैड बनवाए जाने की संसतुति दी थी। कवायद के अंतर्गत अब लोक निर्माण विभाग को आठ हेलीपैड बनाए जाने की अनुमति मय बजट के मिल गई है। जिसमें तीन तहसील मुख्यालय और पांच ब्लाक मुख्यालय पर हेलीपैड बनाए जाने के लिए लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड के प्रांतीय खंड व निर्माण खंड प्रथम को बजट के साथ निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है।


मौजूदा समय जनपद में एक भी स्थायी हेलीपैड नहीं है। मंत्रियों के आने पर अस्थायी हेलीपैड बनाए जाते हैं। जो एक बार प्रयोग के बाद में बेकार हो जाते हैं। इससे सरकारी धन की बर्बादी होती है। जिला प्रशासन ने हेलीपैड निर्माण के लिए जमीन का बंदोबस्त किए जाने का दारोमदार जनपद की छह तहसीलों के एसडीएम को दिया था। एसडीएम अपनी-अपनी तहसील में हेलीपैड बनाए जाने के लिए भूमि का बंदोबस्त कर चुके हैं।

भूमि प्रबंध होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने हेलीपैड बनाए जाने की कवायद शुरू कर दी है। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग को तीन हेलीपैड के लिए 65 लाख रुपये जबकि, निर्माण खंड प्रथम को पांच हेलीपैड बनाए जाने के लिए 72 लाख रुपये मिले हैं। एक्सईएन सुबोध कुमार ने बताया कि जिनके लिए बजट मिला है उन हेलीपैड व एप्रोच मार्ग का निर्माण जल्द शुरू कराया जा रहा है।

यहां के लिए मिला बजट

तहसील मुख्यालय में बांगरमऊ, हसनगंज व सफीुपर जबकि, ब्लाक मुख्यालय में गंजमुरादाबादा, मियांगज, बीघापुर, सिकंदरपुर कर्ण व बिछिया के लिए बजट मिला चुका है।

यहां बनेंगे हेलीपैड, भूमि चिह्नित

सदर तहसील के सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक की ग्राम पंचायत चौरा में, सिकंदरपुर कर्ण के कडेर पतारी में जो नेशनल हाईवे लखनऊ कानपुर मार्ग राष्ट्रीय के निकट है। बीघापुर में मगरायर ग्राम पंचायत के तहत जो उन्नाव-लालगंज राष्ट्रीय मार्ग के निकट है। इसी प्रकार सुमेरपुर में आकमपुर बिहार में यह भी एनएच 31 के निकट है। बिछिया में खोरी बिछिया में जो चमरौली से बिछिया मार्ग के निकट है। पुरवा में कल्याणपुर पुरवा मिर्रीकला के अंतर्गत भगवंत नगर दूधी कगार मार्ग के निकट, हिलौली के रसूलपुर, असोहा के कंदरपुर में, बांगरमऊ में नसीरपुर भिख्खन, केकेएम मार्ग से कंधरापुर संपर्क मार्ग के निकट, सफीपुर के देवगांव, हसनगंज में सलेमपुर, फतेहपुर चौरासी के दोस्तपुर शिवली गांव, गंजमुरादाबाद के फतेहपुर खालसा, मियागंज सरंबा व नवाबगंज की ग्राम पछियाव में जमीन का प्रबंध होने के बाद हेलीपैड बनेंगे।

तहसील से न्यूनतम ढाई तो अधिकतम 21 किमी तक चयनित हुए स्थल

सभी हेलीपैड तहसील मुख्यालयों से न्यूनतम ढाई तो अधिकतम 21 किलोमीटर तक दूर चयनित किए गए हैं। जिसमें सुमेरपुर का आकमपुर बिहार, पुरवा का कंदरपुर, बिछिया का खोरी बिछिया 21 से 17 किलोमीटर तहसील से दूर हैं। इस प्रकार हिलौली का रसूलपुर तहसील से 20 किलोमीटर दूर है। जबकि ब्लाक से इन सभी हेलीपैड स्थल की दूरी न्यूनतम दो किलोमीटर तो अधिकतम 10 किलोमीटर तक है। एक हेलीपैड की लंबाई चौड़ाई 70x70 यानी 490 वर्ग मीटर में होगी। वहीं कुछ की 3600 और 3000 वर्ग मीटर तक भी है। इसमें लोक निर्माण विभाग 2500 वर्ग मीटर में सीसी हेलीपैड का निर्माण करवाएगा। जबकि, शेष भी आरक्षित रहेगी। एक हेलीपैड जिला मुख्यालय पर बनेगा। यह हेलीपैड जिला मुख्यालय से दो किमी, तहसील छह किमी और ब्लाक से चार किमी की दूरी पर पड़ेगा।

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